
पांच बार के विधायक रहे धनेन्द्र साहू को आखिर इस वजह से मंत्रिमंडल में नहीं मिली जगह
रायपुर. भूपेश बघेल की मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर पार्टी को वरिष्ठ नेता और अभनपुर विधानसभा सीट से 5 बार विधायक रहे धनेन्द्र साहू की नाराजगी का सामना करना पड़ा। नाराज धनेन्द्र साहू ने मनाने पहुंचीं राज्यसभा सांसद छाया वर्मा को दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी सहानुभूति की जरूरत नहीं है।
मंत्री नहीं बनाए जाने पर धनेंद्र साहू के आवास के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई। समर्थकों ने नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ नारेबाजी की और धनेन्द्र साहू को मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग की।
इतना ही नहीं समर्थकों ने मंत्री नहीं बनाए जाने पर लोकसभा चुनाव में हराने तक की धमकी दे डाली। बतादें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्रिमंडल गठन को लेकर पहले ही संकेत दे दिए थे कि कड़े निर्णय कई अनुभवी नेता मंत्रिमंडल में जगह बनाने से चूक जाएंगे।
अभनपुर विधानसभा सीट से विधायक धनेन्द्र साहू कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने अभनपुर विधानसभा सीट से पांच बार (1993, 1998, 2003, 2013 और 2018) जीत दर्ज कर चुके हैं। धनेन्द्र साहू (2008 से 2011) कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
अविभाजित मध्य प्रदेश में 1998 में धनेन्द्र साहू राज्य मंत्री जल संसाधन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग
(स्वतंत्र प्रभार) रह चुके हैं। वर्ष 2000 में राज्य गठन के समय कांग्रेस सरकार में भी राज्य मंत्री संस्कृति पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग (स्वतंत्र प्रभार) बने।
दरअसल, छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को 9 मंत्रियों को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण कार्यक्रम रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में हुआ। मंत्री के रूप में डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, कवासी लखमा, रवींद्र चौबे, मोहम्मद अकबर, शिवकुमार डहरिया, अनिला भेडिय़ा, जय सिंह अग्रवाल, गुरु रुद्र कुमार और उमेश पटेल ने शपथ ली।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री को मिलाकर कुल 13 मंत्री के पद हैं। अब तक 12 मंत्रियों ने शपथ ली है, वहीं एक पद अभी भी खाली है।
Updated on:
25 Dec 2018 05:48 pm
Published on:
25 Dec 2018 05:37 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
