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चुनाव आयोग का निर्देश, आचार संहिता लागू होने के बाद मंत्री-विधायक रेस्ट हाउस का नहीं कर सकेंगे उपयोग

आचार संहिता लागू होने के बाद मंत्री और विधायक रेस्ट हाउस का राजनीतिक उपयोग नहीं कर सकेंगे

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CGNews

चुनाव आयोग का निर्देश, आचार संहिता लागू होने के बाद मंत्री-विधायक रेस्ट हाउस का नहीं कर सकेंगे उपयोग

रायपुर. प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद मंत्री और विधायक रेस्ट हाउस का राजनीतिक उपयोग नहीं कर सकेंगे। यही नहीं शासकीय खर्च पर विज्ञापन, होर्डिंग और कटआउट भी नहीं लगा सकेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाकर इसकी सख्त हिदायत दी है। माना जा रहा है कि अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। दिसम्बर के अंतिम सप्ताह तक चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।

आयोग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आदर्श आचार संहिता के दौरान किसी भी प्रकार के नए कामों को मंजूरी नहीं दी जाएगी। कोई भी नया टेण्डर नहीं निकाला जाएगा। यदि टेण्डर स्वीकृत हो चुका है पर कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, तो आदर्श आचार संहिता लागू रहने तक कार्य भी शुरू नहीं किया जा सकेगा।

रात १० से सुबह ६ बजे तक नहीं मोबाइल पर भी नहीं कर सकेंगे अपील : आयोग ने चुनाव प्रचार पर बंदिशें भी लगाने का फैसल लिया गया है। इसके तहत कोई भी उम्मीदवार रात १० से सुबह ६ बजे तक मतदान की अपील नहीं करेगा। इस प्रतिबंध में लाउडस्पीकर, घर-घर संपर्क, बल्क एसएमएस, वाइस मैसेज और कॉल शामिल हैं। कोई भी दल या प्रत्याशी स्वयं किसी की निजी संपत्ति भवन्र भूमि अथवा परिसर पर झण्डे, पोस्टर, बैनर आदि आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं लगाएंगे और न ही अपने समर्थकों को ऐसा करने देंगे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि, कोई दल अथवा प्रत्याशी किसी अन्य दल अथवा प्रत्याशी की आलोचना करने में उसकी नीतियों और योजनाओं तक सीमित रहेगा। किसी के निजी जिन्दगी पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा।

धार्मिक-सामाजिक स्थल पर नहीं होगा चुनाव प्रचार
आयोग के मुताबिक आदर्श आचार संहिता लागू रहने की अवधि में किसी भी धार्मिक व सामाजिक स्थल का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जाएगा। इन स्थलों पर वोट मांगने पर भी रोक लगा जाएगी। कोई भी दल अथवा प्रत्याशी ऐसा कोई कार्य व व्यवहार नहीं करेगा, जिससे धार्मिक अथवा सामाजिक समरसता और सद्भाव बिगड़े या तनाव बढ़े। कोई भी दल अथवा प्रत्याशी मतयाचना करते समय धार्मिक, जातिगत अथवा किसी और संकीर्ण भावना का उपयोग नहीं करेगा।

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