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खाताधारकों के लिए बड़ी खबर, अगर आप भी यूज करते हैं बैंक का लॉकर तो जानें ये मामला

अगर आप भी यूज करते हैं बैंक का लॉकर तो जानें ये मामला

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CG News

खाताधारकों के लिए बड़ी खबर, अगर आप भी यूज करते हैं बैंक का लॉकर तो जानें ये मामला

रायपुर. देश के किसी भी बैंक में हो खाता। आपको जानकार हैरानी होगी कि उपभोक्ताओं को लुभावने स्कीम का वादा कर बैंक खुद लापरवाही बतर रही है। ऐसे में कभी भी जिंदगी भर की कमाई एक झटके में खत्म हो सकती है। आपको बता दें कि बैंक के लॉकर की सुरक्षा भगवान भरोसे हो रहा है। जानिए ये मामला..

छत्तीसगढ़ में कार्यरत बैंक उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए आकर्षक स्कीम के तहत कीमती सामानों को रखने के लिए लॉकर की सुविधा भी प्रदान की जा रही है, लेकिन यहां सुरक्षा के मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है।

पिछले दिनों राजधानी रायपुर में एक ऐसी ही बड़ी घटना हुई थी जिसमें एक झटके में उपभोक्ताओं के जमापूंजी खत्म हो गए। दरअसल रायपुर विधानसभा रोड स्थित एसबीआई में सेंधमारी कर लॉकर तोड़कर लाखों की चोरी हो गई थी, जिसके बाद से धमतरी सहित छत्तीसगढ़ के सभी बैंकों में पुलिस प्रशासन ने हाईअलर्ट घोषित कर बैंक प्रबंधकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया था।

इसके अलावा शहर के स्टेट बैंक, पीएनबी, एचडीएफसी, इलाहाबाद बैंक समेत अन्य बैंकों की पड़ताल कर यहां लगे सीसी टीवी कैमरे, गार्डों की संख्या और इमरजेंसी अलार्म को चेक किया था, जिसमें कई खामियां पाई गई थी।

इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी ने सभी बैंक प्रबंधकों की बैठक लेकर 15 दिन के भीतर सुरक्षागत मापदंडों को पूरा करने का निर्देश दिया था, लेकिन 6 माह बीतने के बाद भी अधिकांश बैंकों में व्यवस्था जस की तस बनी हुई है। एक जानकारी के अनुसार शहर के स्टेट बैंक, पीएनबी बीआईओ, सिडीकेंट, सेंट्रल बैंक समेत अन्य बैंको में भी उपभोक्ताओं को नए-नए स्कीम तहत लुभाने के लिए लॉकर की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। बताया गया है कि अलग-अलग बैंक इसके एवज में उपभोक्ताओं से 1 हजार से लेकर 5 हजार रूपए तक चार्ज वसूल करता है, लेकिन सुरक्षा की जिम्मेदारी आम उपभोक्ताओं पर डाल दिया गया है।

नियमों का पेंच
बैंकिंग सूत्रों की मानें तो आरबीआई के नियमानुसार अब लॉकर की सुविधा लेने वाले उपभोक्ताओं को ही महत्वपूर्ण दस्तावेज, कीमतें गहनेंं समेत अन्य कागजातों की सुरक्षा स्वयं करना होगा। ऐसी स्थिति में लॉकर की सुरक्ष भगवान भरोसे हो गई है।

विश्वास हो रहा खत्म
उपभोक्ता शैलेष कुमार, आशुतोष साहू का कहना है कि बैंकों को सुरक्षा के सभी मापदंडपों का पालन करना चाहिए। इसके विपरीत अब आरबीआई किसी भी जोखिम से बचने के लिए उपभोक्ताओं को ही बलि का बकरा बना रही है। ऐेसे में उपभोक्ताओ का विश्वास अब निजी सेक्टर के बैकों से उठने लगा है।

अलग-अलग बैंकों में आरबीआई के नियमानुसार ही उपभोक्ताओं को लॉकर की सुविधा प्रदान की जा रही है। अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है।
अमित रंजन, लीड बैंक अधिकारी

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