25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

चुनाव में हार के बाद पूर्व मंत्री ने किसानों से मांगी माफी, बोले – क्षमा कर दीजिए, BJP वादा पूरा नहीं कर पाई

पूर्व मंत्री और राज्य वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर साहू ने किसानों के बीच पहुंचकर पिछली सरकार की वादाखिलाफी के लिए उनसे सार्वजनिक माफी मांगी है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Ashish Gupta

•

Updated: 6 Feb 2019, 3:11 PM IST

BJP news

BJP leader seeks apology from farmers for not fulfill of their promise

गरियाबंद/रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में बुरी तरह हारी भाजपा के कुछ नेता पार्टी लाइन से अलग हटकर पश्चाताप अभियान में जुट गए हैं। पूर्व मंत्री और राज्य वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर साहू ने किसानों के बीच पहुंचकर पिछली सरकार की वादाखिलाफी के लिए उनसे सार्वजनिक माफी मांगी है। जन संवाद कार्यक्रम के तहत गरियाबंद जिले के चिखली पहुंचे साहू ने कहा, हम किसानों को किए गए वादे के अनुरूप 2100 रुपया प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य नहीं दे पाए, इसके लिए सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगते हैं।

उन्होंने कहा, आने वाले समय में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सभी वादों को पूरा किया जाएगा। साहू ने कहा, यह बात वे अपने नेताओं और साथियों की ओर से बोल रहे हैं। साहू ने किसानों से कहा, वे लोग आपके हैं, हमेशा आपके ही रहेंगे और किसानों के साथ मिलकर चलेंगे। चंद्रशेखर साहू ने कहा, भाजपा किसानों के साथ मिलकर नए भारत के निर्माण का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प पूरा करेगी। साहू जब यह बात बोल रहे थे, तब प्रदेश भाजपा का कोई नेता उनके साथ नहीं था।

अब केंद्र का दिलाया भरोसा
साहू ने सभा में कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों का अच्छा सम्मान कर रहे हैं। इसीलिए बजट में 6-6 हजार रुपए प्रति वर्ष की किसान सम्मान निधि की व्यवस्था हुई है।

आसपास के जिलों में होंगी ऐसी सभाएं
पत्रिका से बातचीत में चंद्रशेखर साहू ने कहा, अच्छी सोच के साथ किसानों और कार्यकर्ताओं के बीच बनी दूरी को कम करने का प्रयास कर रहा हूं। जिन गांवों में किसान आंदोलन हुए थे, उन गांवों तक पहुंचने की कोशिश होगी। रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, धमतरी, राजनांदगांव, कवर्धा सहित अन्य जिलों में ऐसी सभाएं होनी हैं।