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एनजीडीआरएस सिस्टम...15 दिन में ब्लॉक खसरे नहीं हुए दर्ज, भू-माफिया ऐसा उठा रहा फायदा

locationरायपुरPublished: Jan 31, 2024 10:08:50 am

Submitted by:

Khyati Parihar

Raipur News: रजिस्ट्री के नए एनजीडीआएस सिस्टम शुरू होने के पहले से ब्लॉक खसरों को पोर्टल में एंट्री करने की बात सामने आई थी, जिसके लिए एनआईसी के अधिकारियों को तकरीबन 2000 ब्लॉक खसरों की सूची सौंपी थी।

एनजीडीआरएस सिस्टम...15 दिन में ब्लॉक खसरे नहीं हुए दर्ज, भू-माफिया कर रहे ऐसा काम
एनजीडीआरएस सिस्टम...15 दिन में ब्लॉक खसरे नहीं हुए दर्ज, भू-माफिया कर रहे ऐसा काम
Chhattisgarh News: रजिस्ट्री के नए एनजीडीआएस सिस्टम शुरू होने के पहले से ब्लॉक खसरों को पोर्टल में एंट्री करने की बात सामने आई थी, जिसके लिए एनआईसी के अधिकारियों को तकरीबन 2000 ब्लॉक खसरों की सूची सौंपी थी। अब 15 दिन बाद भी ऐसा सिस्टम नहीं बन पाया कि ब्लॉक खसरों को रजिस्ट्री के दौरान पकड़ा जा सके। ऐसे में पंजीयन विभाग के अधिकारियों से चूक होना स्वाभाविक है। दूसरी ओर विभाग से ही यह जानकारी भू-माफियाओं तक पहुंच गई कि नए सिस्टम में खसरे ब्लॉक नहीं हुए है, जिसका फायदा अवैध प्लॉटिंग करने वालों ने जमकर उठाया है।
बिना तैयारी लागू किया सिस्टम

बता दें कि अभी तक प्रदेश में 42 पंजीयन कार्यालयाें में एनजीडीआरएस सिस्टम लागू किया जा चुका है। जल्द ही 31 कार्यालयों में इसी सिस्टम से रजिस्ट्री शुरू कर दी जाएगी। बतादें कि खुद विभागीय अधिकारी बता रहे हैं कि बिना पूरी तैयारी के एनजीडीआरएस सिस्टम लागू कर दिया गया है, जिसकी वजह से बड़ी चूक हो सकती है।
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कैसे होगी जांच

इस सिस्टम के पहले ऑनलाइन रजिस्ट्री सिस्टम में ब्लॉक खसरों की एंट्री कर दी गई थी। जैसे ही ब्लॉक खसरों के डाक्यूमेंट पक्षकारों के द्वारा अपलोड किए जाते थे तो डिसप्ले में एक मैसेज दिखाई देता था। अब इस सिस्टम में ऐसी सुविधा नहीं है। ऐसे में कैसे जांच हो यह संभव नहीं है।
तिल्दा, रायपुर से लेकर आरंग तक हो रही रजिस्ट्री

पूर्व कलेक्टर ने अवैध प्लॉटिंग को रोकने के लिए जिले के 1100 से ज्यादा खसरों को ब्लॉक किया है। इसके अलावा अन्य कारणों से 800 खसरों को निगरानी की श्रेणी में रखा गया है। अब इस सिस्टम का फायदा उठाकर तिल्दा, रायपुर और आरंग में धड़ाधड़ रजिस्ट्री हो चुकी है। अभी तक यह सिस्टम नहीं बना है कि जिससे ऐसे खसरों पर रोक लगाया जा सके।

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