
76 साल में व्यापार से बनाई पहचान
Chhattisgarh News: रायपुर। अंग्रेजों से आजाद हुए हमें 76 साल होने जा रहे हैं। लेकिन, हमारे देश में एक कौम ऐसी भी है जिसके लिए 76 बरस पहले की वह घटना काली रात से कम नहीं थी। आजादी से एक दिन पहले भारत के 2 टुकड़े हो गए थे। सिंधी समाज के लिए ये किसी अभिशाप से कम नहीं था, क्योंकि बंटवारे के बाद पाकिस्तान में हिंसा भड़की, उसने लाखों सिंधी परिवारों को बेघर कर दिया।
पत्रिका परिचर्चा में पूर्व विधायक और छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी कहते हैं, हम अपनी जमींदारी, दुकान-मकान सब छोड़कर भारत आए थे। तब हमारे सामने आजीविका की चुनौती थी। क्या खाएंगे, कहां रहेंगे? खुद को स्थापित करने में ही हमें 76 साल (Raipur news) लग गए। इन सालों में हमने व्यापार के में अपनी पहचान बनाई। अब हम अपने युवाओं को राजनीति और प्रशासनिक सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना चाहते हैं। पत्रिका परिचर्चा में और भी बहुत सी बातें आई, आप भी पढ़िए...
ये रहे मौजूद
परिचर्चा में सिंधु शक्ति के अमर दौलतानी, रतन लीलानी, पूज्य नहरपारा पंचायत के मुखी नत्थू लाल धनवानी, बलराम पी आहूजा, सिंधी कल्याण समिति के प्रदेश महासचिव अनेश बजाज, सिंधी पंचायत के महेश आहूजा, राजेश गवनानी, विकास रूपरेला, सत्यम बजाज, जय केशवानी आदि मौजूद रहे।
सभी शहीदों को मिले सम्मान
शहीद हेमू कालाणी समिति के अध्यक्ष किशोर आहूजा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और महापौर एजाज ढेबर ने कचहरी चौक में शहीद हेमू कालाणी की प्रतिमा (CG hindi news) लगवाई। हम चाहते हैं कि सरकारें इसी तरह सभी शहीदों का सम्मान करें।
पहली पंचायत 1930 में बनी
गोदड़ीवाला धाम के सेवादारी पवन प्रीतवानी कहा कि सिंध प्रांत से विस्थापित होने का दंश झेल कर आज समाज हर क्षेत्र में अपना स्थान बनाया है। 1930 में पहली पूज्य सत्तीबाजार लिली चौक पंचायत बनी, जिसके मुखी ईश्वर लाल रूपरेला थे।
राजनीतिक दलों से गुजारिश- 5-5 सीट दें
राजेश वासवानी ने कहा, टैक्स देने वालों में हमारा समाज अव्वल है। अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में हम भरपूर योगदान दे रहे हैं। समाजसेवा के क्षेत्र में भी हम आगे हैं। लेकिन, राजनीतिक दलों द्वारा लगातार हमारी उपेक्षा की जा रही है। हमारी सभी राजनीतिक दलों से मांग है कि चुनाव लड़ने 5-5 सीटें दें।
300 बच्चों को संस्कार के साथ दे रहे हैं शिक्षा
गोदड़ीवाला धाम के प्रमुख सेवादारी अमर गिदवानी ने बताया, देवपुरी स्थित गोदड़ीवाला धाम में पाठशाला का संचालन किया जा रहा है। यहां आसपास (Chhattisgarh hindi news) के गांवों के 300 बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के साथ सनातनी रीति-रिवाज सीखा रहे हैं।
Published on:
19 Jul 2023 11:01 am

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