
Student Housing Scheme: अनुसूचित जाति और जनजाति स्टूडेंट्स को अपने गृह निवास से बाहर उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कोई समस्या न हो, इसलिए आदिवासी विभाग ने अब आवासीय सहायता राशि देनी शुरू कर दी है।
बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, भिलाई सहित छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र जिनको जिला मुख्यालय के शासकीय हॉस्टल में जगह नहीं मिल पा रही। उन छात्रों को अब छात्र गृह योजना के तहत निजी मकानों में किराए लेकर रहने के लिए प्रति छात्र 950 रुपए प्रति माह दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों से आकर जिला मुख्यालय के स्कूल कॉलेजों को पढ़ाई करने वाले एससी और एसटी वर्ग के छात्रों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
CG Government Scheme: दरअसल कई ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल नहीं होने के कारण छात्रों को 10वीं कक्षा के बाद हाई स्कूल और 12 के बाद कॉलेज लेवल की पढ़ाई के लिए शहरों के तरह आना पड़ता है लेकिन यहां सरकारी हॉस्टल में सीट उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। पढ़ाई के साथ रहने के लिए किराए पर कमरा लेने का खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े इसलिए अब राज्य सरकार ने उनको आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए आवास सहायता योजना के तहत प्रति छात्र 950 रुपए उपलब्ध करा रही है।
स्टूडेंट्स एससी या एसटी वर्ग का हो।
स्टूडेंट छत्तीसगढ़ का स्थाई निवासी हो।
पेंरेट्स की निर्धारित वार्षिक आय सीमा पोस्ट मैट्रिक योजना के अनुरूप हो।
स्टूडेंटस 11 वीं से लेकर पीजी कक्षा में अध्ययनरत हो।
स्टूडेंट्स को किसी शासकीय हॉस्टल में प्रवेश नहीं मिला हो।
कम से कम 5 छात्रों का ग्रुप होना अनिवार्य है।
आदिवासी विभाग के अधिकारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि छात्र अपने स्कूल और कॉलेज के प्राचार्य से शपथ पत्र के रूप में लिखवाकर एक आवेदन बिलासपुर के पुराने कंपोजिट भवन आदिवासी विभाग के कक्ष क्रमांक 19 में आकर आवेदन कर सकते है। वेरिफिकेशन के बाद छात्रों को इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
प्रदेश में इससे पहले समाज कल्याण विभाग दिव्यांग छात्रों के लिए इस तरह की योजना चलाती थी। जिसके तहत कम से कम 5 दिव्यांग छात्रों को प्राइवेट मकान किराए पर लेकर रहने के लिए 10 हजार तक की आवास सुविधा राशि दी जाती थी। लेकिन अब आदिवासी विभाग ने जरूरतमंद एससी और एसटी वर्ग के छात्रों को भी आवास सहायता राशि देना शुरू कर दिया है। बिलासपुर में इसे पहली बार पायलट प्रोजेक्ट के तहत 2016-17 में कोटा ब्लॉक में शुरू किया था अब सरकार प्रदेश के पूरे 33 जिलों में इस योजना की शुरुआत कर दी है।
सरकारी छात्रावासों में सीमित संया में सीट होने के कारण सभी छात्रों को यहां रहने की सुविधा नहीं मिल पाती है। ऐसे में एससी और एसटी वर्ग के 5-5 छात्र ग्रुप बनाकर एक मकान किराए पर ले सकते है। प्रति छात्र 950 रुपए विभाग आवास सहायता करेगी। अतिरिक्त राशि छात्र खुद भुगतान करेंगे।
Updated on:
17 Aug 2024, 11:14 AM IST
Published on:
17 Aug 2024, 10:52 AM IST
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