
sabse sasta maal
रायपुर . छत्तीसगढ़ सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक फरमान जारी कर कोर्ट जाने से पहले पहनावा ठीक करने की हिदायत दी है। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि न्यायालय में सभी सरकारी पदाधिकारी साफ.-सुथरे परिधानों में ही उपस्थित हों। इस आदेश के बाद कोर्ट में जाने के समय कैजुअल ड्रेस जैसे, जींस, फैंसी शर्ट, टी-शर्ट, रंगीन चश्मा और रंग-बिरंगे कपड़े पहनने पर पूरी तरह से रोक होगी।
जारी निर्देश की सूचना उच्च न्यायालय के महाधिवक्ता, मुख्य सचिव के उपसचिव और विधि एवं विधायी विभाग को भी दी गई है। इसमें इस बात को लेकर भी नाराजगी जताई गई है कि दिसम्बर-२०१७ में विधि-विधायी विभाग ने भी न्यायालय के निर्देश का पालन करने के लिए पत्र लिखा था। इसके बाद भी कुछ अधिकारी इसका गंभीरता से पालन नहीं कर रहे हैं। गौरतलब है कि एेसे कई मौके आए है कि जब अफसरों को अपने पहनावे के कारण कोर्ट में शार्मिंदा होना पड़ा। कोर्ट में न्यायाधीशों ने अफसरों के पहनावे को लेकर आपत्ति भी जताई है।
नियमानुसार होगी कार्रवाई
कोर्ट के निर्देश का पालन करने के लिए दो बार पत्र जारी करने के बाद सरकार अब सीधे सख्त कार्रवाई के मूड में दिखाई दे रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को स्पष्ट कर दिया है कि आदेश की अनदेखी होने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के तहत यथोचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि उच्च न्यायालय बिलासपुर ने एक मामले की सुनवाई के दौरान शासकीय कर्मचारियों की पोशाक को लेकर आपत्ति जता चुका है।
खास ड्रेस या रंग पर नहीं फोकस
सामान्य प्रशासन विभाग ने किसी खास ड्रेस या रंग को लेकर निर्देश जारी नहीं किया है। आदेश में कहा गया है कि वे यथोचित औपचारिक साफ-सुथरे और सादे रंग वाले वस्त्र पहने। आदेश में साफ कहा गया है कि उनके ड्रेस भड़कीले नहीं होने चाहिए। पोशाक एेसी हो कि उससे उनका शिष्टाचार, व्यवसायिकता और कार्य के प्रति गंभीरता स्पष्ट नजर आए।
Published on:
27 Apr 2018 05:55 pm

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