कोरोना आया तो हेल्थ वर्कर्स ने लगाई जान की बाजी, लेकिन टीका लगवाने देना पड़ रहा नोटिस

- स्वास्थ्य विभाग की अपील के बाद भी सेहत की प्रति बरत रहे लापरवाही
- कोरोना वॉरियर्स खुद ही अपनी सेहत के प्रति संजीदा नहीं हो पा रहे हैं

By: Ashish Gupta

Updated: 28 Jan 2021, 12:57 PM IST

रायपुर. प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के इलाज में महती भूमिका निभाने वाले हैल्थ वर्कर्स अर्थात अग्रिम पंक्ति के कोरोना वॉरियर्स खुद ही अपनी सेहत के प्रति संजीदा नहीं हो पा रहे हैं। इसका अंदाजा 16 जनवरी से चल रहे टीकाकरण अभियान को देखकर सहज ही अंदाजा लगाा जा सकता है। शासकीय संस्थानों को अपनी जान की बाजी लगाकर संक्रमित मरीजों को ठीक करने वालों को टीका लगवाने नोटिस जारी करने मजबूर होना पड़ रहा है।

आंबेडकर अस्पताल प्रबंधन ने हाल में ही एक विभागध्यक्ष को नोटिस जारी कर विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों को टीका लगवाने निर्देशित किया है। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि ऐसे ही नोटिस सभी विभागाध्यक्षों को जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सक, नर्सिंग स्टॉफ, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, जिनक नाम वैक्सीनेशन पोर्टल में दर्ज है तीन दिनों के भीतर वैक्सीनेशन किया जाए। वैक्सीनेशन की तिथि एव समय निर्धारित करने स्थापना शाखा से संपर्क या मोबाइल से अपना पंजीयन कराने केंद्र सरकार की साइट पर लॉगइन कर सकते हैं। वैक्सीनेशन का प्रथम डोज की अंतिम तिथि 12 फरवरी तक निर्धारित है।

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बताया जाता है कि प्रदेश में वैक्सीनेशन शुरू होने बाद अब तक सामने आया है कि पंजीकरण कराने के बाद भी बड़ी संख्य में हैल्थ वर्कर्स टीका लगवाने नही पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारियों के अनुसार, ऐसे कर्मी सर्दी, बुखार या ड्यूटी जैसे बहाना टीका लगावाने से बचने बना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी कुछ हैल्थ वर्कर्स में वैक्सीनेशन को लेकर वहम और डर समाया हुआ है। इधर, प्रदेश में 102 से बढ़ाकर वैक्सीनेशन सेंटर 200 कर दिए गए हैं।

पंडरी जिला अस्पताल मनोरोग विभाग के विशेषज्ञ डॉ. अविनाश शुक्ला ने कहा, वैक्सीन से डरने की जरूरत नही है। यह मन के वहम से अधिक कुछ नही है। अभी तक टीक के दुष्परिणाम सामने नही आए हैं। यदि किसी हैल्थ वर्कर्स को टीका लगाने से पहले या बाद में ज्यादा चिंता होती है तो मनोरोग विशेषज्ञों से काउंसिलिंग करा सकते हैं।

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रायपुर के सीएमएचओ डॉ. मीरा बघेल ने कहा, टीकाकरण के शुरूआती एक-दो दिन सेंटर पर कम हैल्थ वर्कर्स पहुंचे लेकिन अब संख्या बढ़ रही है। चयनित के नही पहुंचने पर अन्य पंजीकृत कर्मचारी टीका लगवा सकते हैं।

अब तक का ऐसे रहा वैक्सीनेशन (फीसदी में)
दिनांक रायपुर प्रदेश
16 जनवरी 68.8 61.2
18 जनवरी 60.2 56.99
20 जनवरी 73.8 62.90
21 जनवरी 108.2 70.94
23 जनवरी 94.4 66.91
25 जनवरी 86.66 64.64

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Ashish Gupta Desk
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