कोरोना रोगियों में बढ़ रहा मानसिक तनाव, अवसाद व हताशा की चपेट में आ रहे
बलौदा बाजार। प्रदेश के साथ ही साथ जिले में वर्तमान में कोरोना की दूसरी लहर ने कोहराम मचा रखा है। पहली लहर में प्रतिदिन मरीजों की संख्या के भयानक लगने वाले आंकड़े दूसरी लहर में मामूली लग रहे हैं तथा जिले में प्रतिदिन मिलने वाले मरीजों की संख्या अब खतरनाक ढंग से बढ़ रही है। कोरोना संक्रमण के साथ ही साथ मरीजों में अब मानसिक अस्वस्थता नजर आ रही है जो चिंताजनक है। हालत यह हो गई है कि कोरोना पॉजिटिव आते ही मरीज के साथ ही साथ मरीज के पूरे परिजन तनाव तथा हताशा में आ रहे हैं, जिससे बचने के लिए चिकित्सकों ने परामर्श के साथ ही साथ योग तथा प्राणायाम की सलाह दी है।
विदित हो कि बीते कुछ दिनों से पूरे देश में कोरोना की दूसरी लहर ने कोहराम मचा दिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश के साथ ही साथ जिले में भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। इन दिनों मिडिया से लेकर सोशल मीडिया तथा सामान्य चर्चा में केवल कोरोना के भयावह आंकड़ों का ही बोलबाला है। स्थिति यह हो गई है कि कोरोना के भयावह आंकड़े तथा कोरोना संक्रमण से होने वाली मौतों ने लोगों को बुरी तरह से डरा दिया है। प्राचीन कहावत ‘मौत का डर मौत से भी भयावह होता है’ इन दिनों कोरोना के ऊपर पूरी तरह से सटीक बैठ रहा है। कोरोना संक्रमण का असर इतना अधिक हावी हो गया है कि संक्रमित होने की जानकारी मिलते ही मरीज से लेकर मरीजों के परिजन तक हताश हो रहे हैं जो उचित नहीं है। कोरोना संक्रमण के बाद कई मरीजों में बेवजह रोने, खाना नहीं खाने, नींद ना आने तथा बार-बार बुरे सपने देखने जैसी शिकायत मिल रही है। कोरोना संक्रमण का इतना अधिक डर हो गया है कि संक्रमित मरीज जाने-अनजाने अवसाद, हताशा जैसी अन्य दूसरी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। संक्रमण के बाद कोरोना से तो मरीज को ठीक होने में बमुश्किल पखवाड़े भर का ही समय लगता है परंतु मरीजों में डर इतना अधिक हावी हो गया है कि कोरोना के डर से हुई बीमारी से मरीज कब तक उबरेगा यह बताना अब कठिन हो रहा है।
चिकित्सक से सलाह लें
बलौदा बाजार सहित पूरा छत्तीसगढ़ फिलहाल कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का सामना कर रहा है। बीमारी के संक्रमण से मरीज के मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पडऩा स्वाभाविक है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार प्रेमी ने कोरोना पॉजिटिव आने पर धैर्य से काम लेने की सलाह दी है। डॉ. प्रेमी ने कहा कि पॉजिटिव आने पर घबराएं नहीं, बल्कि आइसोलेट हो जाएं। अपनी शारीरिक व मानसिक समस्या की पहचान करें। पहले स्वयं महसूस करें कि क्या आपको घबराहट महसूस हो रही है अथवा सांस लेने में दिक्कत हो रही है। क्या आप नकारात्मक विचारों से घिर रहे हैं, नींद की समस्या हो रही है। यदि ऐसा हो तो शारीरिक समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन नम्बर 104 पर सम्पर्क करें। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज परामर्श के लिए कंट्रोल रूम मोबाइल नम्बर 88174-00390, 86028.77450 अथवा 86028.77350 पर सम्पर्क कर सलाह ले सकते हैं। घबराहट, बेचैनी, डर, अनिद्रा, भूख में कमी आदि नकारात्मक विचारों वं समस्याओं के लिए मनोरोग चिकित्सक व काउंसिलर से परामर्श लें। इलाज के लिए दी गई दवाइयों का समय पर सेवन करें। परिवार के अन्य सदस्यों से भौतिक रूप से दूर रहें, लेकिन मोबाइल से सम्पर्क में रहें। घर पर ही योग, व्यायाम व प्राणायाम करें। गहरी सांस वाली एक्सरसाइस जरूर करना चाहिए।