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CG News: सर्दी, खांसी और बुखार वाले मरीजों का पोर्टल पर एंट्री करना अनिवार्य, स्वास्थ्य विभाग का आदेश जारी

CG News: हैल्थ कमिश्नर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने अस्पतालों में जरूरी दवाइयों और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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मरीजों का पोर्टल पर एंट्री करना अनिवार्य (Photo source- Patrika)

मरीजों का पोर्टल पर एंट्री करना अनिवार्य (Photo source- Patrika)

CG News: संभावित कोरोना के मरीजों को देखते हुए सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षणों वाले मरीजों का पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री अनिवार्य कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इन्लुएंजा लाइक इलनेस (इली) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस (सारी) के प्रभावी सर्वेक्षण और प्रबंधन के निर्देश दिए हैं।

CG News: प्रदेश में कोरोना के 3 मरीज मिल चुके

सभी पॉजिटिव केस की रिपोर्टिंग करते हुए राज्य सर्विलांस इकाई को प्रतिदिन रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को आईएचआईपी पोर्टल पर एंट्री करने को कहा गया है। वहीं, मितानिनों के माध्यम से समुदाय स्तर पर ऐसे लक्षणों की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। राजधानी समेत प्रदेश में कोरोना के 3 मरीज मिल चुके हैं।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के मरीजों में माइल्ड लक्षण आ रहे हैं। स्वास्थ्यकर्मियों को इन्लुएंजा लाइक इलनेस व सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस के इलाज व प्रबंधन का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ रेस्पिरेटरी एटीकेट्स के तहत मॉस्क लगाने को कहा गया है। हैल्थ कमिश्नर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने अस्पतालों में जरूरी दवाइयों और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

यह भी पढ़ें: Corona Virus in CG: रायपुर में मिला कोरोना वायरस का पहला मरीज, रहें सावधान…

जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए एस भेजेंगे सैंपल

CG News: इलाज के बाद भी मरीज ठीक न होने पर स्वाब का सैंपल लेकर कोरोना जांच करवाई जाएगी। यही नहीं, जरूरत पड़ने पर उनके सैंपल एस में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा। एस में ही जीनोम सीक्वेंसिंग होती है।

हालांकि पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में वेरिएंट की जांच के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग लैब बनाने की योजना है। आंबेडकर अस्पताल में रेस्पिरेटरी मेडिसिन के एचओडी डॉ. आरके पंडा के अनुसार मौसम बदलने के कारण इली व सारी के मरीज तो आ रहे हैं, लेकिन गंभीर नहीं है। जिन्हें पहले से दूसरी बीमारियां है, उनके लिए कोरोना घातक हो सकता है।

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