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CG-PSC 2021 : रायपुर की प्रज्ञा बनीं स्टेट टॉपर, राज्यपाल के सचिव खलको के बेटा-बेटी भी चयनित

CGPSC 2021 exam result : राजधानी की डीडीयू नगर निवासी प्रज्ञा नायक टॉपर रहीं। दूसरे नंबर पर अनन्या अग्रवाल और तीसरे नंबर पर राजधानी के ही शशांक गोयल हैं।

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CG-PSC 2021 : रायपुर की प्रज्ञा बनीं स्टेट टॉपर, राज्यपाल के सचिव खलको के बेटा-बेटी भी चयनित

CG-PSC 2021 : रायपुर की प्रज्ञा बनीं स्टेट टॉपर, राज्यपाल के सचिव खलको के बेटा-बेटी भी चयनित

रायपुर. CGPSC result : छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग ने गुरुवार रात राज्य सेवा परीक्षा 2021 का साक्षात्कार के बाद अंतिम परिणाम घोषित कर दिया। आयोग ने 171 पदों के विरुद्ध 170 पदों पर चयन सूची-अनुपूरक सूची जारी की है। राजधानी की डीडीयू नगर निवासी प्रज्ञा नायक टॉपर रहीं। दूसरे नंबर पर अनन्या अग्रवाल और तीसरे नंबर पर राजधानी के ही शशांक गोयल हैं। राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलको की बेटी नेहा को 13वीं रैंक और उनके बेटे निखिल को 17वीं रैंक मिली है। डीएसपी सूची में यतिंद्र बर्मन पहले स्थान पर रहे। दूसरे पर श्रीकांत देव शुक्ला और तीसरे पर साहित हैं। अभ्यर्थीं अपना परिणाम देखने के लिए आयोग की वेबसाइट www.psc.cg.gov.in का अवलोकन कर सकते हैं।

फरवरी 2021 को हुई थी प्रारंभिक परीक्षा: राज्य सेवा आयोग द्वारा प्रारंभिक परीक्षा 2021 का आयोजन पिछले वर्ष 13 फरवरी को किया था। लिखित परीक्षा के बाद 26, 27, 28 एवं 29 मई 2022 को मुख्य परीक्षा हुई। इसके बाद 509 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चयनित किया गया। पिछले वर्ष 20 से 20 सितंबर तक 509 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया।

राज्य सेवा परीक्षा में बेटों का वर्चस्व

CGPSC Result : राज्य सेवा परीक्षा 2021 में 170 पदों के लिए चयन सूची और वेटिंग सूची में बेटों ने परचम लहराया है। डिप्टी कलेक्टर के 15 पदों में 7 पर बेटियों और 8 पर बेटों का चयन हुआ है। इसी तरह से डीएसपी रैंक के 30 पदों में 22 बेटे और 8 बेटियां चयनित हुईं। वित्त एवं योजना विभाग के 10 पदों में 7 बेटों और 3 बेटियों का चयन हुआ है। जिला आबकारी अधिकारी के 3 पदों में केवल बेटों ही हैं।

दूसरी बार में मिली सफलता: प्रज्ञा

प्रज्ञा ने बताया कि पहली बार सीजीपीएससी की परीक्षा में कुछ अंक से ही रह गई। इसके बाद और लगन से तैयारी शुरू कर दी। दूसरी बार में परीक्षा में सफल हो गई हूं, पहली रैंक आना मेरे लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि शाम पांच बजे से परिणाम का इंतजार कर रहे थे। रात में जब परिणाम आया तो सबसे पहले जोर से चीखी और आंसू निकल पड़े। भागते हुए जाकर जब मम्मी-पापा को बताया तो सब खुशी से झूम उठे। पिता महेश नायक स्कूल शिक्षा विभाग में सहायक संचालक और मां ज्योति नायक गृहणी हैं, जिन्होंने हमेशा उनका मार्गदर्शन किया।