
गरियाबंद कलेक्ट्रेट कार्यालय (photo Patrika)
CG News: गरियाबंद में जिला पंचायत उप संचालक, जनपद सीईओ और जिला अंकेक्षण अधिकारी जैसे तीन बड़े पदों पर एक तृतीय वर्ग कर्मचारी की नियुक्ति की मामला पत्रिका ने बुधवार को प्रमुखता से उठाया था। कलेक्टर ने इस पर संज्ञान लेते हुए बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। तृतीय वर्ग कर्मचारी को एक बड़े पद से हटाकर उसमें अपर कलेक्टर की नियुक्ति की गई है।
दरअसल, मूल रूप से मैनपुर में करारोपण अधिकारी के तौर पर पदस्थ केएस नागेश (तृतीय वर्ग कर्मचारी) को जिला मुयालय गरियाबंद में ट्रांसफर के बाद तीन बड़े अफसरों का चार्ज थमा दिया गया। तीनों ही भूमिकाओं में उन पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे। पत्रिका ने इसी का खुलासा करती रपट छापी। इस पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने बुधवार को ही एक आदेश निकाला। इसमें जिला पंचायत उप संचालक के तौर पर अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे को नियुक्ति किया गया। उनकी पुरानी जिमेदारियां जस की तस रहेंगी।
सूत्रों की मानें तो आज गुरुवार को नागेश को दूसरा बड़ा झटका लग सकता है। उससे जनपद सीईओ की कुर्सी भी वापस लेने की तैयारी है। ऐसे में उसके पास जिला अंकेक्षण अधिकारी का पद रह सकता है। बता दें कि नागेश पर तीन बड़े पदों पर रहते हुए रैकेट चलाकर पंचायतों से उगाही करने के आरोप हैं। उधर, जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने बुधवार को ही मुय सचिव अमिताभ जैन से पूरे मामले की शिकायत करते हुए भ्रष्टाचार के मामले में सत कार्रवाई की मांग की है।
Published on:
04 Sept 2025 11:51 am
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