Chhattisgarh becomes zero carbon emitter rail zone: रेलवे प्रशासन ने छत्तीसगढ़ को शून्य कार्बन उत्सर्जक केन्द्र बनाने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। ब्रॉड गेज बनाते हुए 1170 किलोमीटर रूट का विद्युतीकरण कर दिया है।
Chhattisgarh becomes zero carbon emitter rail zone: रेलवे प्रशासन ने छत्तीसगढ़ को शून्य कार्बन उत्सर्जक केन्द्र बनाने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। ब्रॉड गेज बनाते हुए 1170 किलोमीटर रूट का विद्युतीकरण कर दिया है। इसका असर यह होगा कि अब यहां से डीजल लोकोमोटिव की विदाई हो जाएगी। दूसरी ओर शून्य कार्बन उत्सर्जक होने के कारण राज्य पर्यावरण अनुकूल परिवहन की श्रेणी में आ गया है यानि डीजल नहीं जलेगा तो प्रदूषण ही नहीं होगा।
छत्तीसगढ़ साउथ ईस्ट सेंट्रल व ईस्ट कोस्ट रेलवे क्षेत्र के अंतर्गत आता है। रेलवे मंत्रालय ने रेलवे को शून्य कार्बन उत्सर्जक बनाने के लिए वर्ष 2030 तक का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में भारतीय रेलवे मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ की लाइन हॉल को ब्रॉड गेज में तब्दील कर दिया है। इस योजना के तहत 1170 किमी ब्रॉड गेज लाइन विद्युतीकरण का काम शत-प्रतिशत पूरा हो गया है।
डीजल से चलती थीं ये ट्रेनें
छत्तीसगढ़ में दुर्ग-जगदलपुर एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, समता एक्सप्रेस, कलिंग उत्कल एक्सप्रेस मुख्य रूप से डीजल इंधन से चला करती थीं। विद्युतीकरण से इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को बेतहर सुविधा मिलने लगी है।
साकेत रंजन, सीपीआरओ, एसईसीआर ने कहा, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीनों मंडलों में स्वीकृत हुए विद्युतीकरण कार्य का शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। ग्रीन एनर्जी -क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।