
रायपुर. बस्तर टाइगर के नाम से प्रसिद्ध रहे स्व. महेंद्र कर्मा के बेटे छबिंद्र ने मां देवती कर्मा के पक्ष में अपना नामांकन फॉर्म वापस ले लिया है। पहले चरण के चुनाव में नाम वापसी के अंतिम दिन शुक्रवार को छबिंद्र के इस फैसले ने कांग्रेस को बड़ी राहत पहुंचाई है। पार्टी से बगावत कर दंतेवाड़ा सीट से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतरे छबिंद्र को मनाने की कोशिश कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता कर चुके थे, लेकिन वे कामयाब नहीं हुए थे।
छबिंद्र का चुनाव को लेकर काफी दिनों तक सियासी ड्रामा चला। इस बीच छबिंद्र ने समाजवादी पार्टी में जाने की भी घोषणा कर दी है। उन्हें पार्टी ने अपना उम्मीदवार भी घोषित कर दिया था, लेकिन छबिंद्र ने निर्दलीय के तौर पर नामांकन जमा किया था। उधर, छबिंद्र के मान-मनौवल का दौर जारी रहा और अंत में उन्होंने नामांकन वापस ले लिया। हालांकि देवती कर्मा ने पहले ही कहा था कि वह अपने बेटे को मना लेंगी। छबिंद्र कांग्रेस के शीर्ष पंक्ति के नेता दिवंगत महेंद्र कर्मा के बेटे हैं। झीरम घाटी में हुए माओवादी हमले में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ महेन्द्र कर्मा को भी गोली मार दी गई थी।
कई निर्दलीय प्रत्याशियों ने नाम वापस लिए
पहले चरण के चुनाव के लिए नाम वापसी के अंतिम दिन कई निर्दलीय उम्मीदवारों ने नाम वापस लिया। अंतागढ़ से सुरेन्द्र कुमार दर्रो, किशोर कुमार कोवाची और विश्राम गावड़े ने नाम वापस लिया। अंतागढ़ में कुल छह प्रत्याशी चुनाव मैदान में होंगे। भानुप्रतापपुर सीट से पवन कुमार नेता, रूपधर पुड़ो और अखिलेश नेताम ने नाम वापस लिया। यहां कुल सात प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। कांकेर में चंद्रकांत धु्रवा और कौशिल्या शोरी के नाम वापसी के बाद कुल 11 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। बता दें कि छत्तीसगढ़ में पहले चरण की 18 सीटों के लिए 12 नवम्बर को मतदान होना है।
Published on:
26 Oct 2018 09:32 pm
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