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प्रोफेसर की पिटाई के बाद छात्राओं ने कहा – Girls को रूम में बुलाकर यहां वहां मारता है हाथ

 छात्राओं ने कॉलेज के भीतर छात्राओं ने प्रोफेसर को दौड़ा- दौड़ा कर पीटा। दूसरे प्रोफेसरों के हस्तक्षेप के बाद छात्राओं ने प्रोफेसर को छोड़ा

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Chandu Nirmalkar

Jul 18, 2017

Professor Beaten in degree girls college

Professor Beaten in degree girls college

रायपुर. डिग्री गल्र्स कॉलेज में प्रोफेसर पर छेड़छाड़ का आरोप लगी रही छात्राओं के सब्र का बांध मंगलवार को टूट गया। छात्राओं ने कॉलेज के भीतर छात्राओं ने प्रोफेसर को दौड़ा- दौड़ा कर पीटा। दूसरे प्रोफेसरों के हस्तक्षेप के बाद छात्राओं ने प्रोफेसर को छोड़ा। मामला यह है कि मंगलवार को भूगोल विभाग के एचओडी बीपी कश्यप पर लगे छेड़छाड़ के आरोप को जनसुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान प्रोफेसर का पड़ला भारी होते व न्याय न मिलता देख छात्राएं भड़क गईं। छात्राओं ने भूगोल विभाग आरोपी बीपी कश्यप की पिटाई शुरू कर दी। प्रोफेसर पहले तो बचने की कोशिश कर रहे थे। कैबिन से ही आरोपी बीपी कश्यप को पिटते हुए छात्राओं ने बाहर निकाला, फस्ट फ्लोर की गैलरी में दौड़ाते हुए छात्राओं ने जमकर पिटाई की। आरोपी प्रोफेसर ने मनोविज्ञान विभाग में टेबल के नीचे घूसकर खुद को बचाया।


मामला शांत कराने, प्रोफेसर का तबादला

कॉलेज के प्राचार्य अरविंद गिरोलकर ने पूरे मामले की फाइल लेकर उच्च शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को रिपोर्ट मंगलवार को ही पेश कर दी थी। जिसके बाद प्रशासन ने मामले शांत करनके के लिए आरोपी प्रोफेसर का स्थानंतरण कर छत्तीसगढ कॉलेज भेज दिया है। हलांकि छात्राएं शासन की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं और कॉलेज के प्राचार्य से भी इस्तीफे की मांग कर रही हैं।


Degree Girls College student beaten professor

तबादले के बाद ही मुख्य द्वार से हटी छात्राएं

पिटाई के बाद भी आरोपी प्रोफेसर को कॉलेज से ना निकाले जाने से नाराज छात्राओं ने मुख्य द्वार पर ही ताला जड़ दिया। प्राचार्य डॉ. अरविंद गिरोलकर की गाड़ी के सामने वे लेट गईं। देर शाम तक छात्राएं प्रोफेसर के निलंबन की मांग को लेकर गेट पर ही बैठी रहीं। रात तकरीबन 7.30 पर ट्रांसफर ऑर्डर आने के बाद ही छात्राएं गेट से हटीं।

यह है मामला

तकरीबन एक सप्ताह पहले कॉलेज में कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया था कि प्रोफेसर गंदी नियत से देखते हैं। क्लास रूम में जब कोई नहीं रहता, उस वक्त प्रैक्टिकल फाइल चेक करने के बहाने उन्हें बुलाकर गलत तरीके से छूने की कोशिश करते हैं। छात्राओं की शिकायत के बाद कुछ महिला प्रोफेसरों ने भी प्रोफेसर डी बी कश्यप के व्यवहार को लेकर जताई थी। इसी वजह से बीते कुछ दिनों से प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर छात्राएं लामबंद हैं। उनकी मांगों को समर्थन दिया। छात्र संगठनों ने छात्र संगठनों की ओर से बीते कुछ दिनों से लगातार प्रदर्शन भी जारी है, बावजूद इसके अब तक कॉलेज प्रबंधन ने प्रोफेसर पर कोई कार्रवाई नहीं की। इससे ही छात्राओं में नाराजगी है. छात्राओं का आरोप है कि इस मामले की शिकायत महिला आयोग से लेकर पुलिस तक में की जा चुकी है, बावजूद इसके अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

एंबूलेंस बुलाई लेकिन नहीं गए

पिटाई के बाद प्रोफेसर की तबियत अचानक खराब हो गई है, जिसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने एम्बुलेंस बुलाया है। एम्बुलेंस कॉलेज परिसर में दाखिल तो हुई लेकिन बिना प्रोफेसर को लिए वापस लौट गई। एम्बुलेंस कर्मियों ने बताया कि जिस व्यक्ति ने फोन किया था। एम्बुलेंस पहुंचने के बाद उसने फोन ही नहीं उठाया।
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