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छत्तीसगढ़ में नक्सली चला रहे आतंक की पाठशाला, बच्चों को दे रहे ट्रेनिंग : UN रिपोर्ट

यूएन की रिपोर्ट के मुताबिक नक्सली छत्तीसगढ़ में कई स्कूल चला रहे हैं, और वे उसमें कोर्स के हिस्से के रूप में बच्चों को लड़ाई का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
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रायपुर

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Ashish Gupta

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Updated: 7 Oct 2017, 8:04 PM IST

naxal in chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में नक्सली चला रहे आतंक की पाठशाला, बच्चों को दे रहे ट्रेनिंग : UN रिपोर्ट

रायपुर. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का कहना है कि यूएन (संयुक्त राष्ट्र) को ऐसी रिपोर्ट्स मिली हैं कि नक्सली संगठन छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों से लडऩे के लिए बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं। गुटेरेस ने सशस्त्र संघर्ष में बच्चों पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि बच्चे हथियारबंद समूहों और सरकार के बीच विशेष रूप से छत्तीसगढ़-झारखंड में हो रही हिंसा और जम्मू-कश्मीर में उपजे तनाव की घटनाओं से प्रभावित हो रहे हैं। गुटेरेस ने इस बात को चिंताजनक बताया है कि नक्सली छत्तीसगढ़ में कई स्कूल चला रहे हैं, और वे उसमें कोर्स के हिस्से के रूप में बच्चों को 'लड़ाई' का प्रशिक्षण दे रहे हैं।

गुटेरेस ने कहा कि सरकार की रिपोर्टों के मुताबिक जम्मू कश्मीर में हथियारबंद समूहों द्वारा 30 स्कूलों को जला दिया गया है या आंशिक रूप से नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सरकारी रिपोर्टों में पुष्टि की गई है कि सुरक्षाबल बीते कई सप्ताह से चार स्कूलों का सैन्य इस्तेमाल कर रहे हैं।

अब छत्तीसगढ़ और झारखंड में ही इस्तेमाल
गुटेरेस की 2016 की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल नक्सलियों या अन्य हथियारबंद समूहों द्वारा बच्चों के इस्तेमाल में कमी आई है और छह राज्यों की तुलना में अब सिर्फ दो राज्यों छत्तीसगढ़ और झारखंड में ही इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की 2015 की रिपोर्ट में तत्कालीन संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने कहा था कि नक्सलवादी छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में छह साल तक के बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

नक्सली संगठनों के चंगुल से बचाएं बच्चों को
गुटेरेस की 2016 के दौरान के संघर्षो की रिपोर्ट गुरुवार को सुरक्षा परिषद भेजी गई। गुटेरेस ने कहा कि 'मैं भारत सरकार से इन आतंकवादी संगठनों से बच्चों को बचाने के लिए उचित तंत्र विकसित करने का आग्रह करता हूं। मैं सरकार से किसी भी तरह की हिंसा से बच्चों को बचाने का भी आग्रह करता हूं। गुटेरेस ने कहा कि नक्सलियों और आतंकवादी समूहों के खिलाफ देश के सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों में बच्चे लगातार मारे जा रहे हैं और घायल हो रहे हैं।

परिजनों को धमकाकर बच्चों को किया जाता है शामिल
भारत के गृह मंत्रालय के मुताबिक मुठभेड़ों में 213 लोगों की मौत हुई है, जबकि 2015 में यह संख्या 171 थी। लेकिन बच्चों की संख्या का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। गुटेरेस ने कहा कि आतंकवादी समूहों ने लगातार बच्चों को अगवा किया और संगठन में बच्चों की भर्तियों के लिए बच्चों के परिजनों को धमकाया। इन बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाता है और खबरी या मुखबिर के तौर पर इनसे काम लिया जाता है।
(इनपुट : आईएनएएस, एडिट : अनुपम राजीव राजवैद्य)