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मौत के साए में जी रहे किसानों ने बताया दर्द, बोले- कब तक बचाकर रखे सैकड़ों की जान

दंतैल अब सड़क तक आ गए हैं। इनकी चहल कदमी से ग्रामीणों में खौफ है
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महासमुंद

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Chandu Nirmalkar

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Updated: 7 Oct 2017, 6:26 PM IST

elephant terror

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महासमुंद. दंतैल अब सड़क तक आ गए हैं। इनकी चहल कदमी से ग्रामीणों में खौफ है। गुरुवार को कुहरी और सिरपुर के बीच सड़क पर दंतैलों की मौजूदगी ने ग्रामीणों को दशहत में डाल दिया। करीब पौन घंटे तक लोगों की आवाजाही बंद रही। वहीं रात में दूसरे दल के हाथियों ने तीन गांवों में 50 एकड़ फसल को रौंद डाला।

सिरपुर क्षेत्र में 19 हाथियों के दल को देख ग्रामीण चिंतित हैं। ग्रामीणों को हमेशा यही डर सता रहा है कि कहीं हाथी उनकी फसल चौपट न कर दें, लेकिन हाथी घूम फिरकर एक-दो दिनों में खेतों में धमक रहे हैं और किसानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। गुरुवार की शाम 5.45 बजे दंतैल सिरपुर के जंगल होते हुए सीधे सड़क पर आए। यहां करीब पौन घंटे तक डटे रहे। इसकी जानकारी जब आस-पास के गांव के लोगों को मिली, तो उन्होंने दोनों तरफ से सड़क पर आवागमन करने वालों को रोका। करीब 6.30 बजे हाथी सिरपुर बांध में घुस गए। इसके बाद आवागमन शुरू हुआ। इस दौरान वन विभाग का अमला, गस्ती दल, पुलिस और आस-पास के लोग मौजूद थे।

रौंदी फसल, किसान चिंतित
खड़सा के परदेशीराम, शंभू यादव, महेश धु्रव, जीतराम सिन्हा, हेमलाल निषाद, शोभाराम धु्रव सहित २० किसानों की १० एकड़ फसल, केशलडीह के जगतराम बरिहा, जयराम बरिहा, शुभू बरिहा, नाथुराम धु्रव, अशोक धु्रव, संतोष धु्रव सहित अन्य किसानों की 25 एकड़ फसल, खिरसाली के नकुलराम धु्रव, चमरूराम धु्रव, बढ़ई पटेल सहित 15 किसानों की 10 एकड़ फसल को नुकसान पहुंचाया है। सालभर की मेहनत पर पानी फिरता देख किसानों की चिंता बढ़ गई है। सूखे के हालात से गुजर रहे किसान अब हाथियों उत्पात से परेशान हैं। किसानों के माथे पर चिंता साफ झलक रही है।

आबादी में घुस रहे हाथी
हाथी प्रभावित गांवों में जन जागरुकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है। लोगों को जंगल से दूर रहने और हाथियों से बचने की अपील की जा रही है, लेकिन हाथी अब आबादी की ओर आ रहे हैं। इधर, वन विभाग भी चाहकर कुछ नहीं कर पा रहा है। जानकारी के मुताबिक कर्नाटक से 6 कुमकी हाथी छत्तीसगढ़ लाए जाएंगे। ये हाथी उत्पाती हाथियों को खदेडऩे या पकडऩे में वन विभाग की मदद करेंगे। अभी तक 12 कर्मचारियों को प्रशिक्षण के लिए कर्नाटक भेजा गया है। दीपावली के बाद कुमकी हाथी छत्तीसगढ़ लाए जाएंगे। इसके पूर्व कलकत्ता से हाथी भगाओ टीम पहुंची थी।

19 हाथियों के दल में चार शावक शामिल
हाथी भगाओ फसल बचाओ समिति के संयोजक राधेलाल सिन्हा ने बताया कि अभी 19 हाथियों के दल में चार शावक शामिल हैं। इनमें 14 हाथी केशलडीह और खिरसाली, एक सिरपुर बंजारी नाला के पास, दो तालाघर और एक मादा हाथी खड़सा में तीन दिन से मौजूद हैं। मालूम हो कि दो दिनों पूर्व ही बुंदेली गांव में हाथियों की दल ने धान फसल को खराब कर दिया था। हाथियों के उत्पात से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसान धान फसल क्षति का मुआवजा की भी मांग कर रहे हैं। किंतु, विभाग द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

नहीं बचेगी फसल
हाथी इसी तरह फसलों को नुकसान पहुंचाते रहे, तो किसानों को भारी नुकसान तो होगा ही, बल्कि खेती-किसानी की लागत राशि भी नहीं निकल पाएगी। क्योंकि अब तक हाथियों ने 100 एकड़ से अधिक फसल रौंद डाला है। वन विभाग नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रकरण बना रहा है, लेकिन हाथियों से किसानों को राहत नहीं मिल रही है।