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रायपुर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ‘मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना’ का किया शुभारंभ

- प्रदेश के 33 जिलों के 42 स्थानों पर योजना का वर्चुअल शुभारंभ- किसानों की आय में बढ़ोत्तरी और पर्यावरण सुधार में महत्वपूर्ण साबित होगी यह योजना - मुख्यमंत्री बघेल- छत्तीसगढ़ में वाणिज्यिक वृक्षारोपण को मिलेगा बढ़ावा- 5 वर्षों में एक लाख 80 हजार एकड़ में 15 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य- किसानों को सलाना प्रति एकड़ 15 से 20 हजार रूपए तक की होगी आय

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रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर राज्य के सभी 33 जिलों के 42 स्थानों में मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का शुभारंभ किया। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में वाणिज्यिक वृक्षारोपण को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए शुरू की गई है। सीएम बघेल ने विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष से योजना का ऑनलाइन शुभारंभ कर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ में वनों के संरक्षण-संवर्धन तथा हरियाली के प्रसार के लिए एक और महत्वपूर्ण योजना साबित होगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने की।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि यह योजना देश में एक अनूठी योजना है, जिसमें वाणिज्यिक प्रजातियों का वृक्षारोपण कर निजी व्यक्ति, संस्था अथवा कम्पनियों के माध्यम से अधिकाधिक लाभ कमा सकते हैं। यह केवल वृक्षारोपण की योजना न होकर देश के जलवायु परिवर्तन की दिशा में भी हमारी सहभागिता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना में सभी वर्ग के इच्छुक किसानों की पड़त भूमि में वाणिज्यिक वृक्षारोपण होगा। योजना के तहत 33 जिलों के 23 हजार 600 किसानों द्वारा 36 हजार 230 एकड़ में वृक्षारोपण किया जाएगा। योजना से किसानों को सालाना प्रति एकड़ 15 से 50 हजार रूपए तक की आय होगी। इसके अलावा कार्बन क्रेडिट के माध्यम से भी किसानों को अतिरिक्त आय होगी।
वन एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वन संपदा की दृष्टि से बहुत समृद्ध राज्य है। मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के माध्यम से अगले 5 वर्षों में 1 लाख 80 हजार एकड़ में वृक्षारोपण किया जाएगा। यह योजना हितग्राहियों की आय में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण योजना है। योजना में 5 एकड़ में वाणिज्यिक वृक्षारोपण करने वाले हितग्राहियों को शतप्रतिशत अनुदान तथा 5 एकड़ से अधिक भूमि पर वृक्षारोपण करने वाले हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान किया गया है।