
Children’s Day 2022: हर वर्ष 14 नवम्बर को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री भारत रत्न पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बाल दिवस के अवसर पर सभी बच्चों सहित प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी है। सीएम बघेल ने बाल दिवस(Children’s Day 2022) के पहले शाम एक सन्देश जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि पंडित नेहरू को बच्चे बहुत प्रिय थे। बच्चे भी उन्हें प्यार से चाचा नेहरू कहते थे। इसी स्नेह और प्रेम की वजह से पंडित नेहरू का जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
जानकारी के लिए बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 14 नवंबर को रायपुर सहित दुर्ग जिलें में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेगें। निर्धारित कार्यक्रम के तहत् हुए 14 नवंबर को पूर्वान्ह 11 बजे राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में ”नेहरू का भारत डॉट कॉम” वेबसाइट का शुभारंभ करेगें।
मुख्यमंत्री बघेल 14 नवंबर को बाल दिवस के अवसर पर राजधानी के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में दोपहर 12ः45 बजे बाल दिवस समारोह में शामिल होंगे। वे दोपहर 1ः30 बजे साइंस कॉलेज रायपुर से मुख्यमंत्री निवास भिलाई-3 के लिए कार द्वारा प्रस्थान करेंगे। मुख्यमंत्री इस दौरान शाम 5ः30 बजे खुर्सीपार स्टेडियम भिलाई पहुंचेगें और वहां आयोजित भिलाई ओलंपिक खेल महोत्सव में भाग लेंगे।
मजबूत पीढ़ी के निर्माण के लिए नैतिक विकास भी जरुरी
सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि बच्चे देश के भावी निर्माता होते हैं। एक मजबूत पीढ़ी के निर्माण के लिए जरूरी है कि हम बच्चों के शारीरिक, मानसिक, शैक्षिक विकास के साथ नैतिक विकास के बारे में भी सोचें, अपनी संस्कृति और सभ्यता से उनका परिचय कराएं। बाल दिवस बच्चों के पोषण, शिक्षा, विकास और चरित्र निर्माण के लिए सोच-विचार करने और आवश्यक कदम उठाने का दिन है।
पंडित नेहरू के पदचिन्हों पर चलते हुए लिए कई निर्णय
सीएम बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने पंडित नेहरू के पदचिन्हों पर चलते हुए कई निर्णय लिए हैं। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू किए गए हैं। इसी तर्ज पर हिन्दी मीडियम स्कूल भी शुरू किये जा रहे हैं। बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण योजना शुरू की गई है। इससे लगभग दो लाख से ज्यादा बच्चे कुपोषण से मुक्त हो गए हैं।
बच्चों का भविष्य सुंदर बनाना हम सब की जिम्मेदारी
आगे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आंगनबाड़ियों में बच्चों की प्रारंभिक औपचारिक शिक्षा की व्यवस्था शुरू की गई है। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण से माता-पिता को खोने वाले बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के लिए महतारी दुलार योजना शुरू की गई है। दूसरी संतान बालिका होने पर उसके पालन-पोषण के लिए राज्य सरकार द्वारा कौशल्या मातृत्व योजना शुरू की गई है। सीएम बघेल ने कहा है कि बच्चों का भविष्य सुंदर बनाना हम सब की जिम्मेदारी है।
Published on:
14 Nov 2022 12:16 pm
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