
इंडोर स्टेडियम और 100 बिस्तर अस्पताल का निर्माण कार्य नहीं हुआ प्रारंभ
भाटापारा. साल 2019 को अलविदा कहते हुए भाटापारा क्षेत्र के लोगों को आने वाले साल 2020 से काफी उम्मीदें हैं। 2019 में भाटापारा को कुछ खास नहीं मिल पाया। विकास के नाम पर भी बीते 1 वर्ष में कोई उल्लेखनीय कार्य भाटापारा में नहीं हो पाया है। कई योजनाएं आज भी अधूरी पड़ी हुई। गौरव पथ को बने 3 वर्ष से भी अधिक समय बीच चुका है, किंतु डिवाइडर में एक भी पौधा नहीं रोपा गया है। इंडोर स्टेडियम का कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है जबकि 2016-17 में आउटडोर और इंडोर स्टेडियम के लिए राशि स्वीकृत की गई थी। वहीं 100 बिस्तर अस्पताल का कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। 2018 में बाजार रेलवे फाटक में अंडरब्रिज बनाने का कार्य प्रारंभ हुआ था अब तक अधूरा है। लगता है कार्य पूरा होने में अभी 2 माह कम से कम और लगेगा।
छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 19 वर्ष बाद भी भाटापारा को एक आदद अच्छे बस स्टैंड की सुविधा नहीं मिल पाई है। 2018 के पहले भी समस्याओं की कमी नहीं थी और सरकार बदलने के बाद भी नहीं है। परंतु साल बदलने के बाद लोगों को ये उम्मीद रहती कि नए वर्ष में क्षेत्र को लाभ होगा।
इस वर्ष एक भी ट्रेनों का स्टापेज नहीं हुआ
साल 2019 में भाटापारा को एक भी ट्रेनों के स्टापेज की सौगात नहीं मिली है। लोकसभा का नया चुनाव संपन्न होने के बाद रायपुर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सांसद के रूप में सुनील सोनी निर्वाचित हुए हैं। यहां के लोगों की सांसद सुनील सोनी से एकमात्र मांग यह है कि भाटापारा में कुछ प्रमुख ट्रेनों का स्टॉपेज यथाशीघ्र कराया जाए। जिसमें प्रमुख रूप से बिलासपुर चेन्नई एक्सप्रेस, बिलासपुर हापा एक्सप्रेस, हटिया कुर्ला एक्सप्रेस, भुनेश्वर कुर्ला एक्सप्रेस, पुरी कुर्ला एक्सप्रेस शामिल हैं।
पृथक राजस्व जिला बनाने की मांग
भाटापारा को पृथक राजस्व जिला बनाए जाने की मांग सबसे पुरानी व सबसे बड़ी है। बीते 15 वर्ष के भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में भाटापारा को जिला ना बनाया जाना एक सबसे बड़ा मुद्दा रहा है। उस दौरान विपक्ष की भूमिका में रही कांग्रेस यह बोलते रही कि जब भी कांग्रेस की सरकार आएगी तो भाटापारा को पृथक राजस्व का जिला बनाया जाएगा। किंतु 1 वर्ष से भी अधिक समय बीतने के बावजूद जिले के संबंध में अभी कोई पहल नहीं हुई है।
चौपाटी नहीं बनने से नगरवासी निराश
नगर में चौपाटी बनाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल के समय से की जा रही है, किंतु अभी तक भाटापारा में चौपाटी बनाने का कार्य नहीं हुआ है। जिससे नगर के नागरिकों में काफी निराशा है। इसके लिए लोग कांग्रेस के साथ भाजपा को भी पूरी तरह जिम्मेदार मानते हैं
पहली बार कोई प्रधानमंत्री भाटापारा आए
इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है कि देश का कोई प्रधानमंत्री पहली बार भाटापारा 2019 में आया। पीएम नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव में चुनाव प्रचार के दौरान भाटापारा आए थे और उन्होंने एक जनसभा सुमाभाटा में ली थी।
आईएचएसडीपी योजना के मकान अब भी अधूरे
आईएचएस डीपी योजना के तहत बनने वाले मकान अब भी अधूरे पड़े हुए हैं। योजना को 10 से 12 वर्ष हो गए हैं। बताया गया है कि यही योजना 2007 में शुरू हुई थी। योजना के तहत 450 मकानों का निर्माण होना था। राजनीतिक संरक्षण के चलते आधे-अधूरे बने मकानों में बहुत से लोग अवैध रूप से रह रहे हैं।
Published on:
01 Jan 2020 11:08 pm
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