
इतने लाख से अधिक वार्षिक आय वाले अब नहीं ले पाएंगे PM आवास का लाभ, आमदनी तय
रायपुर. रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के प्रोजेक्ट कमल विहार में एलआईजी फ्लैट्स के टेंडर को लेकर घमासान छिड़ गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि नियमों के मुताबिक ईडब्ल्यूएस के लिए आवेदक की वार्षिक आय अधिकतक 3 लाख और एलआईजी फ्लैट्स के लिए आवेदकों की वार्षिक आय अधिकतम 6 लाख होनी चाहिए। लेकिन इसके बावजूद बोली लगाने के नियम का जनप्रतिनिधियों ने विरोध किया है। इस मामले में रायपुर सांसद सुनील सोनी व आरडीए के पूर्व अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने सीधे तौर पर टेंडर सिस्टम को नियमों के खिलाफ बताया है।
भाजपा सांसद सुनील सोनी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनने वाले मकानों की कीमतें फिक्स होती है, लिहाजा इसे टेंडर सिस्टम में नहीं डाला जा सकता है। यह प्रोजेक्ट ऐसे लोगों के लिए हैं, जिनके पास स्वयं का मकान नहीं है। जो पहली बार घर लेते हैं, वहीं व्यक्ति इसे ले सकते हैं फिर बाद भी टेंडर सिस्टम यह सरासर गलत है। मैं इस मामले में राज्य सरकार को चिठ्ठी लिखूंगा।
जब आमदनी तय तो फिर टेंडर क्यों
इस मामले में संजय श्रीवास्तव ने कहा कि ईडब्ल्यूएस और एलआईजी फ्लैट्स लेने के लिए आमदनी पहले से तय की गई है। जब सरकार ने आमदनी तय कर दी है इसके बाद बोली या टेंडर सिस्टम का मतलब नहीं रह जाता है। वैसे भी आरडीए नो-लॉस, नो प्राफिट वाली संस्था है। इस मामले में कांग्रेस नेता पंकज शर्मा का कहना है कि ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स का टेंडर सिस्टम नहीं किया जा सकता है। यह नियमों के खिलाफ है। हमने इसके खिलाफ आवाज भी उठाई है।
आरडीए ने बदली तारीख
आरडीए ने कमल विहार के एलआईजी फ्लैट्स में निविदा के लिए तारीख में संशोधन किया है। अब 22 जनवरी के स्थान पर 12 फरवरी को निविदा की तारीख तय की गई है। आरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भीम सिंह की ओर से जारी सूचना के मुताबिक कमल विहार के एलआईजी फ्लैट्स के निविदा तारीख को फरवरी महीने के लिए आगे बढ़ाया गया है।
Click & Read More Chhattisgarh News.
Published on:
22 Jan 2020 09:24 pm

बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
