
Cyber Crime: पहले फोन करके पूछते थे पासवर्ड-कार्ड नंबर
CG Crime News: रायपुर। पहले झारखंड जामताड़ा के साइबर ठग लोगों को फोन करके एटीएम कार्ड का 16 डिजिट नंबर, सीवी नंबर, पासवर्ड और ओटीपी पूछा करते थे, लेकिन अब एक साधारण मैसेज भेजकर पूरे फोन को ही अपने कंट्रोल में ले लेते हैं। फिर चंद मिनटों में ही बैंक की पूरी राशि उड़ा लेते हैं। पिछले 10 सालों में साइबर ठग इतने अपडेट हुए हैं कि उनके लिए ऑनलाइन ठगी करना काफी आसान हो गया है।
हर एक-दो साल में नए-नए तरीकों से लोगों को ठगते गए। इसकी वजह आमलोग उतने जागरूक और अलर्ट नहीं हो पाए हैं, जितने साइबर ठग। साइबर ठग एक मैसेज-लिंक (Crime News) से पूरा मोबाइल हैक कर लेते हैं, तो दूसरी ओर वाट्सऐप वीडियो कॉल करके कुछ ही पल में अश्लील वीडियो बनाकर भेज देते हैं।
डीपी बदलकर मातहतों से ठगी
चेन्नई के कुछ साइबर ठग किसी नेता, अफसर का फोटो अपने वाट्सऐप डीपी में लगाकर उनके मातहत को फोन करते हैं। उनसे रकम की मांग करते हैं। इसी तरह डिजीटल करेंसी, क्रिप्टो करेंसी और ब्लॉक चेन कारोबार के नाम पर कई लोगों को ठगते हैं।
आंकड़ों में साइबर ठगी
वर्ष 2021
कहां शिकायतें
रायपुर जिले के साइबर सेल और थानों में - 1043
एनसीसीआर - 1340
वर्ष 2022
रायपुर जिले के साइबर सेल और थानों में - 1935
एनसीसीआर - 2163
लाइक-शेयर में कई गिरोह
ऑनलाइन ठगी का नया ट्रेंड यूट़्यूब में वीडियो लाइक-शेयर और सब्सक्राइब का है। पार्ट टाइम जॉब के रूप में वीडियो लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करने के नाम पर बेरोजगार युवक-युवतियों के अलावा सरकारी नौकरी वालों को भी झांसा दे रहे हैं। ठगी करने वाले अलग-अलग (Thagi News) राज्यों से हैं। दिल्ली, हरियाणा के ठग भी इसमें शामिल हैं।
ऐसे अपडेट होते गए साइबर ठग गिरोह
जामताड़ा गिरोह: शुरुआत में एटीएम कार्ड बंद होने, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने आदि के नाम पर फोन करते थे। कार्ड का 16 डिजिट नंबर, सीवी नंबर, ओटीपी नंबर आदि जानकारी लेने के बाद ही बैंक खाते से रकम निकाल पाते थे। दो-तीन साल बाद तरीका बदलते हुए गूगल सर्च इंजन में किसी कंपनी, फर्म आदि का कस्टमर केयर नंबर के स्थान पर अपना नंबर देकर ठगी करने लगे। पेंशनरों को मैसेज में लिंक भेजकर ठगने लगे। फिर गिरोह ने तरीका बदला और एनीडेस्क मोबाइल ऐप डाउनलोड कराकर ठगना शुरू किया। इसमें एनीडेस्क के अलावा दूसरे ऐप भी इस्तेमाल करने लगे। इससे मोबाइल का एक्सेस उनको मिल जाता है। इसमें बिजली बिल, डिश टीवी का बिल आदि जमा नहीं होने का मैसेज होता था।
भरतपुर गिरोह: शुरुआत में मोबाइल नंबर वाले निष्क्रिय फेसबुक आईडी को टारगेट करते थे। उसके नंबर में मैसेज भेजकर ठगते थे। तरीका बदलते हुए फेसबुक आईडी का क्लोन बनाकर ठगने लगे। अनलॉक डीपी से फोटो निकालकर उसी नाम से दूसरी फेसबुक आईडी बना लेते थे। फिर फ्रेंडलिस्ट में शामिल दोस्तों-रिश्तेदारों को मैसेज करके पैसे मांगते हैं। ओएलएक्स में आर्मीमैन बनकर ठगी करने लगे। इस तरीके को भी बदलते हुए रिश्तेदार का मित्र बनकर फोन पे में रकम मंगवाने लगे। पेमेंट रिक्वेस्ट भेजकर भी ठगने लगे हैं।
मेवात-भरतपुर-मथुरा गिरोह: सेक्सटार्शन का ट्रेंड ज्यादा चल रहा है। इसमें भी राजस्थान के भरतपुर, मेवात और मथुरा के साइबर ठग शामिल हैं। इसमें युवती वाट्सऐप वीडियो कॉल करती है। कॉल रिसीव करने पर युवती अश्लील हरकत करती है और मोबाइल धारक से भी उसी तरह की हरकत करने को कहती है। इसकी रिकॉर्डिंग कर लेते हैं। इसी को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करते हैं।
नाइजीरियन गिरोह: शुरुआत में फेसबुक में अधिक उम्र की युवतियों, विधवा महिलाओं से दोस्ती करना, फिर शादी का झांसा देकर ठगी करते थे। अब विभिन्न मेरिज ब्यूरो की वेबसाइटों से युवतियों के कॉनटेक्ट नंबर, ई-मेल आईडी, सोशल मीडिया आदि के जरिए संपर्क करने लगे हैं। इसमें कुछ दूसरे गिरोह भी शामिल हैं।
ऑनलाइन ठगी करने वाले समय-समय पर नई टेक्नोलॉजी और तरीकों का इस्तेमाल करते रहते हैं। इस कारण आमलोगों को भी जागरूक और अलर्ट होना (CG Fraud News) बहुत जरूरी है। साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक रहना आवश्यक है। साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस की साइबर सेल या एनसीसीआर पोर्टल में शिकायत करें।
- गौरव तिवारी, टीआई एसीसीयू (साइबर विंग), रायपुर
Published on:
23 Jul 2023 11:00 am
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