1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Dantewada Attack: कुत्ते की जान बचाने शहीद हो गए सात जवान

दंतेवाड़ा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले के तीन दिन बाद नया खुलासा हुआ है। नक्सलियों द्वारा किए गए लैंड माइन ब्लास्ट का शिकार हुए जवान अपने एक साथी की जान बचाने के लिए निकले थे।

less than 1 minute read
Google source verification

image

Ashish Gupta

Apr 02, 2016

Dantewada Naxal Attack

jawans lost their lifes in bid to save a dog

रायपुर.
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले के तीन दिन बाद नया खुलासा हुआ है। इस खुलासे के अनुसार नक्सलियों द्वारा किए गए लैंड माइन ब्लास्ट का शिकार हुए सीआरपीएफ के जवान अपने एक साथी की जान बचाने के लिए निकले थे। बतो दें कि ये साथी कोई इंसान नहीं बल्कि कई बार उनकी जान बचा चुका सीआरपीएफ का स्निफर डॉग था।


जानकारी के अनुसार सीआरपीएफ का बेल्जियन मैलिनॉइस नस्ल का यह स्निफर डॉग पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहा था। जिसके इलाज के लिए जवान उसे जानवरों के अस्पताल में दिखाने के लिए जा रहे थे।


बताया जा रहा है कि सीआरपीएफ का ये स्निफर डॉग काफी ट्रेंड था जोकि कई बार नक्सलियों द्वारा लगाए गए बारूदी सुरंग का पहले ही पता लगाकर जवानों की जान बचा चुका था।


नक्सली हमले के खतरे को ध्यान में रखते हुए सीआरपीएफ के जवान सादे कपड़े में थे। इसके अलावा जवानों ने सीआरपीएफ की गाड़ी की बजाय टाटा 407 में जाना बेहतर समझा।


तभी दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय से करीब 37 किमी दूर कुआकोंडा ब्लॉक के मैलावाड़ा-कलहारपारा के बीच घात लगाए करीब 40 माओवादियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया। इस नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 7 जवान शहीद हो गए थे।


हालांकि इस हमले के बाद सीआरपीएफ डीजी दुर्गा प्रसाद ने कहा कि सैन्य जवानों के अभियान से जुड़ी जानकारी लीक होने के कारण इतना बड़ा हादसा हुआ।


डीजी का मानना है कि जहां यह घटना हुई उस इलाके में नक्सली वारदात नहीं के बराबर होती है। ऐसे में इतना बड़ा नक्सली हमला होना इस ओर इशारा करती है कि कहीं न कहीं जवानों के अभियान की जानकारी लीक हुई है।

ये भी पढ़ें

image
Story Loader