
यूक्रेन से छात्रों का मोह भंग, अब कनाडा पहली पसंद, वजह जानकर आप भी जाएंगे चौंक
रायपुर.raipur news विदेश की यूनिवर्सिटी से प्रोफेशनल कोर्स करने के अलावा ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन करने का चलन बढ़ रहा है। बीते दो वर्षों में विदेश जाने वाले छात्रों की संख्या में इजाफा हुआ है। वर्ष 2021 में विदेश जाने वाले छात्रों की संख्या जहां 309 थी। इस वर्ष संख्या बढ़कर अब तक 400 के पार जा चुकी है। वहीं रूस-यूक्रेन से छात्रों का मोहभंग हो रहा है और कनाडा उनकी पहली पसंद बन रहा है।आपको बता दें कि प्रदेश से बड़ी संख्या में छात्र विदेश पढऩे जाते है। यूक्रेन-रूस युद्ध के दौरान प्रदेश के 207 छात्र फंसे थे। इन छात्रों का रेस्क्यू करके इन्हें सुरक्षित लाया गया था।
इस वजह से विदेश जा रहे छात्र
एक्सपट्र्स के अनुसार भारत की सरकारी यूनिवर्सिटी में प्रवेश शुल्क कम है, लेकिन सीटों की संख्या सीमित होने की वजह से छात्रों को निजी यूनिवर्सिटी की तरफ रुख करना होता है। निजी यूनिवर्सिटी मेडिकल की पढ़ाई में 50 से 60 लाख, इंजीनियरिंग की पढ़ाई में 20 से 30 लाख, एमबीए में 15 से 20 लाख रुपए शुल्क चार्ज करती हैं जबकि विदेशी यूनिवर्सिटी में कम शुल्क में पढ़ाई पूरी होती है। इसके अलावा छात्र स्कॉलरशिप में जाते हैं, तो उन्हें केवल रहने और खाने का खर्च उठाना पड़ता है।
इस पढ़ाई के लिए यहां जा रहे छात्र
मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए अब छात्र किर्गिस्तान, कजाकिस्तान, रशिया, जार्जिया की यूनिवर्सिटी में प्रवेश के विकल्प तलाश रहे हैं। वहीं आट्र्स, बीबीए, एमबीए और आर्किटेक्चर की पढ़ाई के लिए जर्मनी, यूके, ऑस्ट्रिया, न्यूजीलैंड और कनाडा की यूनिवर्सिटी के विकल्प तलाश रहे है। कनाडा का वीजा मिलना आसान है, इसलिए वो छात्रों की पहली पसंद है।
बीते सालों में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए छत्तीसगढ़ के अधिकांश छात्र यूक्रेन जाते थे। अब वहां हालात खराब हैं। इस कारण युवाओं की पसंद भी बदल गई है। अब किर्गिस्तान, कंजाकिस्तान, रूस, जार्जिया, जर्मनी, यूके, ऑस्ट्रिया, न्यूजीलैंड और कनाडा पढ़ाई के लिए छात्रों की पसंद बन रहा है। कनाडा का वीजा मिलना आसान है इसलिए छात्रों की लिस्ट में ये सबसे ऊपर है।
पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाले छात्रों की संख्या में इजाफा हो रहा है। छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए अब छात्र किर्गिस्तान, कजाकिस्तान, रशिया, जार्जिया, जर्मनी, यूके, ऑस्ट्रिया, न्यूजीलैंड और कनाडा की यूनिवर्सिटी के विकल्प तलाश रहे हैं।
-एस. कौशिक, प्रभारी, एसबी एजुकेशन संस्था
Published on:
17 Nov 2022 12:43 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
