
पिता अजहर और लाइबा की पुरानी तस्वीर
Chhattisgarh News: रायपुर। हर मां-बाप की ख्वाहिश होती है कि उनके बच्चे ऊंचा मुकाम हासिल करे। ईदगाह भाटा निवासी लाइबा सिद्दीकी के पिता अजहर सिद्दीकी चाहते थे कि बेटी डॉक्टर बने। वक्त का खेल देखिए कि उनकी मौत कैंसर से हो गई। इधर, बेटी का मानो सबकुछ लुट गया हो, लेकिन पापा का ड्रीम था कि वह डॉक्टर बने।
लाइबा ने मुश्किल हालात से खुद को उबारा। इस काम में उनकी मॉम हुमैरा सिद्दीकी ने भी भरपूर मदद की। बच्ची का हौसला न टूटे इसलिए खुद का दिल पत्थर किया। आखिर वह दिन आ गया जब लाइबा ने डॉक्टरी का पहला फेज पार कर लिया। हाल ही में नीट के नतीजे आए जिसमें उन्होंने 720 में से 607 मार्क्स हासिल किए।
कैंसर पीड़ितों की मदद करूंगी
लाइबा कहती हैं, जिस मर्ज ने पापा की जान ली, मैं उसी के लिए अवेयरनेस फैलाऊंगी। कैंसर पीड़ितों की मदद करूंगी। कैंसर सर्जन बनकर गरीबों का मुफ्त इलाज करूंगी। मैंने यह तब तय किया जब पापा कैंसर से हार गए। उनका ख्वाब पूरा करना ही मेरा मकसद हैं।
इनके लिए पापा की सीख
कभी किसी चीज से अपेक्षा न करें। सबकुछ स्वीकार करो। सबसे प्यार करो और सबकी सेवा करो। हमेशा मितव्ययी रहें। फालतू खर्च न करें।
- जी.केे. भट्ट, एनआईटी
कभी एटीट्यूड न रखें। दुनिया में कोई छोटा नहीं होता। हर किसी से इज्जत से पेश आएं। सफलता का रास्ता दृढ़निश्चय से मिलता है।
-लाभांश तिवारी, रायपुर
जिंदगी में ज्यादा अति और ज्यादा गति पतन का कारण होती है। मीठे बोल और मधुर संबंध जीवनभर काम आते हैं।
- लकी रंगशाही, रायपुर
Published on:
18 Jun 2023 01:25 pm
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