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Fraud: रायपुर में बैठकर अमरीकियों से करोड़ों की ठगी, कॉल सेंटरों से 42 गिरफ्तार

Fraud: रायपुर पुलिस ने शहर के तीन अलग-अलग कॉल सेंटरों में दबिश देकर अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया है…
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रायपुर

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Chandu Nirmalkar

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Updated: 26 Mar 2026, 1:49 PM IST

raipur fraud case

रायपुर में बैठकर अमरीकियों से करोड़ों की ठगी ( Photo - Patrika )

Online Fraud: नारद योगी. क्राइम ब्रांच और रायपुर पुलिस ने राजधानी में संचालित हो रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शहर के तीन अलग-अलग कॉल सेंटरों पर एक साथ दबिश देकर 42 आरोपियों को दबोचा है, जो खुद को अमेरिकी नागरिकों का लोन प्रोवाइडर बताकर करोड़ों की ठगी कर रहे थे। इस गिरोह का मास्टरमाइंड अहमदाबाद से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था।

Fraud: आधी रात मारा छापा

पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की टीम ने गंज इलाके के पिथालिया कॉम्प्लेक्स और राजेंद्र नगर के अंजनी कॉम्प्लेक्स में संचालित आरबीएफ नाम के तीन सेंटरों पर आधी रात को छापा मारा। मौके से 25 कंप्यूटर, 18 लैपटॉप और दर्जनों मोबाइल बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए 42 आरोपियों में यूपी, झारखंड, एमपी और गुजरात के युवक शामिल हैं, जिन्हें 25-25 हजार रुपए की सैलरी पर रखा गया था।

4000 डॉलर का लालच, 300 की सेंध

जालसाजों का मोडस ऑपरेंडी बेहद शातिर था। ये गिरोह अमेरीकी युवाओं को कम क्रेडिट स्कोर के बावजूद 3 से 4 हजार डॉलर का तत्काल ऑनलाइन लोन देने का झांसा देते थे। जैसे ही कोई शिकार इनके जाल में फंसता, ये प्रोसेसिंग फीस के नाम पर उनसे 300 से 400 डॉलर वसूल लेते थे। रकम मिलते ही आरोपी उस विदेशी नागरिक का नंबर ब्लॉक कर देते थे। पिछले एक साल में सैकड़ों अमेरीकियों से करोड़ों रुपए की ठगी की जा चुकी है।

गिफ्ट कार्ड और हवाला के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग

डिजिटल वाउचर: ठगे गए डॉलर्स को पहले गिफ्ट कार्ड या डिजिटल वाउचर में बदला जाता था।
हवाला नेटवर्क: टेलीग्राम और वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए इन वाउचर की फोटो अहमदाबाद भेजी जाती थी।

करेंसी एक्सचेंज: अहमदाबाद में बैठा एक ग्रुप इन डॉलर्स को भारतीय रुपए में बदलता था और 10% कमीशन काटकर मास्टरमाइंड तक रकम पहुंचाता था।

मास्टरमाइंड की तलाश तेज

पुलिस ने मौके से सुपरवाइजर रोहित यादव और सौरभ सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, गिरोह का मुख्य सरगना अभी भी अहमदाबाद में छिपा हुआ है, जिसकी तलाश में रायपुर पुलिस की एक विशेष टीम रवाना कर दी गई है।

पुलिस कमिश्नर, डॉ. संजीव शुक्ला ने पत्रिका से कहा कि लोन के नाम पर विदेशी नागरिकों से ठगी का यह बड़ा मामला है। 42 आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके बैंक खातों को खंगाला जा रहा है। जल्द ही इस पूरे सिंडिकेट के मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया जाएगा।"