
Petrol-Diesel price today(photo-patrika)
Petrol-Diesel price today: देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर दिखाई देने लगा है। वहीँ रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें 105 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई हैं। लगातार बढ़ते दामों ने वाहन चालकों, व्यापारियों और मध्यम वर्ग की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और टैक्स के प्रभाव के कारण ईंधन के दामों में रोजाना बदलाव देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
25 मई 2026 को रायपुर में पेट्रोल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी देखने को मिली है। शहर में पेट्रोल का रेट लगभग ₹105.36 से ₹106.05 प्रति लीटर के बीच दर्ज किया गया, जबकि डीजल की कीमत ₹98.47 प्रति लीटर बनी हुई है। पिछले तीन दिनों से डीजल के दाम स्थिर हैं, लेकिन पेट्रोल लगातार महंगा होता जा रहा है। बढ़ती कीमतों ने वाहन चालकों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इसका असर अब सीधे घरेलू बजट और रोजमर्रा के खर्चों पर दिखाई देने लगा है।
राजधानी रायपुर ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के अन्य प्रमुख शहरों में भी पेट्रोल की कीमतें 106 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच चुकी हैं। बिलासपुर में पेट्रोल का रेट ₹106.05 प्रति लीटर दर्ज किया गया है, जबकि सरगुजा में यह ₹106.52 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अलग-अलग जिलों में राज्य कर, वैट और ट्रांसपोर्टेशन लागत में अंतर होने के कारण ईंधन की कीमतों में थोड़ा बदलाव देखने को मिलता है। लगातार बढ़ते दामों ने पूरे प्रदेश में वाहन चालकों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कई देशों में भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई प्रभावित होने के कारण तेल महंगा हो रहा है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की कीमतों में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकार का VAT भी शामिल होता है, जिसकी वजह से अलग-अलग राज्यों में ईंधन के रेट अलग दिखाई देते हैं। वहीं भारत कच्चा तेल बड़े पैमाने पर आयात करता है, इसलिए डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी सीधे तौर पर ईंधन की कीमतों को प्रभावित करती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से केवल वाहन चालकों पर असर नहीं पड़ता, बल्कि इसका प्रभाव पूरे बाजार पर दिखाई देता है।डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ती है, जिसका असर सब्जियों, फल, खाद्यान्न, निर्माण सामग्री और अन्य रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी पड़ सकता है। इससे आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर आम लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। वाहन चालकों का कहना है कि हर महीने ईंधन पर खर्च बढ़ता जा रहा है, जिससे घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। कई लोगों ने निजी वाहन का उपयोग कम कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सहारा लेना शुरू कर दिया है। वहीं व्यापारी वर्ग का कहना है कि ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।
तेल बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और महंगे हो सकते हैं। हालांकि वैश्विक हालात और सरकार की नीतियों के आधार पर कीमतों में बदलाव संभव है। फिलहाल आम लोगों की नजरें ईंधन कंपनियों और सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर दिन अपडेट की जाती हैं। इनकी कीमत तय करने में कई अहम फैक्टर भूमिका निभाते हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लगाए गए टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन लागत और डीलर कमीशन शामिल हैं। इन्हीं सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तेल कंपनियां रोजाना सुबह नए रेट जारी करती हैं, जिसके कारण ईंधन की कीमतों में हर दिन बदलाव देखने को मिलता है।
लगातार बढ़ती महंगाई के बीच लोग अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत की उम्मीद कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि ईंधन के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो रोजमर्रा की जिंदगी और महंगी हो जाएगी।
Published on:
25 May 2026 08:52 am
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