
अब हर किसी को नहीं मिलेगा डीजल (फोटो सोर्स- पत्रिका)
New Fuel Rules: बिलासपुर जिले में अवैध बोर खनन पर प्रशासन ने शिकंजा और कस दिया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने निजी बोर मशीनों और बोरिंग वाहनों को डीजल देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब जिले में कोई भी पेट्रोल पंप संचालक बिना प्रशासनिक अनुमति के निजी बोर मशीनों को डीजल उपलब्ध नहीं कराएगा। प्रशासन ने यह कदम जिले में लगातार सामने आ रहे अवैध नलकूप खनन और भूजल दोहन को रोकने के उद्देश्य से उठाया है।
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत बिलासपुर जिले में बिना सक्षम अनुमति के नलकूप खनन और बोरिंग कार्य पहले से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कई स्थानों पर निजी बोर मशीनों द्वारा अवैध रूप से बोरिंग किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं।
खाद्य नियत्रंक अमृत कुजूर ने बताया कि, आदेश का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों और संबंधितों के खिलाफ मोटर स्पिरिट एवं उच्च वेग डीजल (प्रदाय तथा वितरण का विनियमन और अनाचार निवारण) आदेश 2005 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आदेश की प्रतिलिपि खाद्य विभाग, परिवहन विभाग, तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप एसोसिएशन को भी भेजी गई है।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि बोरिंग वाहनों के संचालन में भारी मात्रा में डीजल की खपत होती है। ऐसे में अवैध बोरिंग गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए ईंधन आपूर्ति पर रोक जरूरी मानी गई। जिले के सभी पेट्रोल और डीजल पंपों को निर्देशित किया गया है कि वे किसी भी निजी बोर मशीन या बोरिंग वाहन को बिना प्रशासनिक अनुमति के डीजल उपलब्ध न कराएं।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से जिला प्रशासन, राजस्व विभाग और खनिज विभाग द्वारा अवैध बोरिंग और खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। कई स्थानों पर बोर मशीनें और हाइवा वाहन जब्त किए जा चुके हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि डीजल आपूर्ति पर रोक लगने से अवैध बोरिंग गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकेगा और भूजल संरक्षण में मदद मिलेगी।
Updated on:
24 May 2026 01:51 pm
Published on:
24 May 2026 01:43 pm
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