5 जुलाई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बीमारी ठीक करने का लालच देकर धर्मांतरण का आरोप! बिलासपुर में स्थानीय लोगों ने थाना परिसर में किया हंगामा

Bilaspur Religious Conversion Allegations: हिंदू संगठनों ने सभा की आड़ में कथित धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस को सूचना दी।
2 min read
Google source verification
Religious Conversion Investigation

धर्मांतरण का खेल! (फोटो सोर्स- AI)

Chhattisgarh Conversion Case: बिलासपुर जिले में आयोजित एक प्रार्थना सभा को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। रविवार को तारबाहर थाना क्षेत्र स्थित लायंस क्लब भवन के पास आयोजित प्रार्थना सभा में कथित धर्मांतरण के आरोप लगने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे, कार्यक्रम का विरोध किया और बाद में थाना परिसर पहुंचकर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।

सूचना मिलते ही तारबाहर थाना पुलिस (Tarbahar Police Bilaspur) मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत की और एहतियात के तौर पर कार्यक्रम स्थल तथा थाना परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।

बीमारी से राहत और बच्चों के स्कूल में प्रवेश का प्रलोभन देकर धर्मांतरण का आरोप

हिंदू संगठनों का आरोप है कि प्रार्थना सभा की आड़ में लोगों को बीमारी से राहत, बच्चों का अच्छे स्कूलों में प्रवेश, नशे की लत से मुक्ति और अन्य समस्याओं के समाधान का भरोसा देकर धर्म परिवर्तन (Conversion Case) के लिए प्रेरित किया जा रहा था। संगठनों ने इसे सुनियोजित गतिविधि बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

Religious Conversion Investigation: पुलिस कर रही जांच

पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। प्रार्थना सभा के आयोजकों और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है, साथ ही लगाए गए आरोपों का सत्यापन भी किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

धर्मांतरण से जुड़े मामले और विवाद सामने आते रहे हैं

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में समय-समय पर कथित धर्मांतरण से जुड़े मामले और विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में अक्सर विभिन्न हिंदू संगठनों और सामाजिक संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जाती है। वहीं, पुलिस और प्रशासन का कहना होता है कि किसी भी मामले में कार्रवाई आरोपों के बजाय जांच में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही की जाती है।

बिलासपुर के इस मामले में भी पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रार्थना सभा के आयोजन, वहां मौजूद लोगों और लगाए गए आरोपों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।