Raipur News : पंद्रह दिनों बाद 19 सितंबर से शहर में गणोत्सव की धूम शुरू होने वाली है।
रायपुर। Ganesh Utsav : पंद्रह दिनों बाद 19 सितंबर से शहर में गणोत्सव की धूम शुरू होने वाली है। परंतु शहर की खस्ताहाल सड़कें सुधरी नहीं हैं और न ही निगम प्रशासन कोई जोर लगा रहा है। ऐसे में इस बार शहर के लोग सड़कों पर धक्के खाते हुए गणेश झांकियां देखने के लिए मजबूर होंगे। क्योंकि, निगम अमला मिक्स मटेरियल लेकर भी सड़कों पर नहीं निकला है।
जबकि ऐसी कोई सड़क नहीं बची, जिस पर बरसात के कारण छोटे-बड़े गड्ढों से सामना हर दिन न होता हो। ऐसे में बाजारों की ग्राहकी भी खराब होने का अंदेशा बढ़ गया है। क्योंकि, गणेशोत्सव के दौरान अच्छा कारोबार होने की उम्मीदें कारोबारियों को होती है। सबसे बड़ा सराफा सदर बाजार, मालवीय रोड, गोल बाजार, बैजनाथपारा की सड़कें पूरी तरह से पानी पाइप लाइन व बिजली केबल के लिए खोदकर खस्ताहाल की जा चुकी हैं।
गणेशोत्सव के दौरान इन्हीं बाजारों में शहर के अनेक जगहों से लोग पहुंचते हैं। कोतवाली चौक के चारों दिशाओं की रोड पर धूल की गुबार 24 घंटे उठ रही है। आगे बढ़ने पर मोतीबाग रोड का भी ऐसा ही हाल है। जबकि गणेशोत्सव के दौरान गली, मोहल्लों और बाजारों में उत्सव कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है। क्योंकि लोग परिवार के साथ निकलते हैं और विघ्नहर्ता के अनेक रूपों की झांकियां देखने के साथ ही बाजारों में खरीदारी करते हैं। इसलिए शहर में काफी रौनक बढ़ जाती है, जो बरसात के दिनों में फीकी पड़ जाती है।
ब्रिज के नीचे दो से तीन फीट लंबे गड्ढे
खोदाई से जैसी हालत सड़कों की हो चुकी है, उससे बदतर और खतरनाक स्थिति ब्रिज के नीचे हो चुकी है। रायपुरा, संतोषीनगर, पचपेड़ी नाका ब्रिज के नीचे दो से तीन फीट लंबाई में सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। उन जगहों से वाहनों के पहिए उचककर बाहर निकलते हैं। ऐसी जगहों पर भी निगम का अमला मिक्स मटेरियल डालने के बजाय जिम्मेदारी की अनदेखी जारी है।
पाइप लाइन और बिजली केबल बिछाने के काम की वजह से शहर की घनी आबादी और बाजारों की रोड खराब हुई हैं। ये काम लोगों की सुविधाओं के लिए कराया जा रहा है। एक महीने के अंदर ऐसी सभी सड़कों को ठीक करा लेंगे।
- एजाज ढेबर, महापौर
सिर्फ खानापूर्ति
पाइप और बिजली केबल के लिए खोदाई के बाद ठेकेदार जिस तरह से मरम्मत करा रहा है, वह केवल खानापूर्ति है। ऐसी जगहों पर दोपहिया और चार पहिया वाहन उछलते हुए आगे बढ़ते हैं। जबकि खोदाई वाले हिस्से को सड़क के लेबल में समतल करने की शर्तें नगर निगम के कागजों में हैं।