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पिछले एक दशक से किडनी की बीमारी से जूझ रहे ग्रामीण,राज्यपाल पहुंची तो इलाज का पूरा खर्च उठाने को तैयार हुई सरकार

* स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने की घोषणा* राज्यपाल और स्वास्थ्य मंत्री पहुंचे सुपेबेड़ा

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पिछले एक दशक से किडनी की बीमारी से जूझ रहे ग्रामीण,राज्यपाल पहुंची तो इलाज का पूरा खर्च उठाने को तैयार हुई सरकार

पिछले एक दशक से किडनी की बीमारी से जूझ रहे ग्रामीण,राज्यपाल पहुंची तो इलाज का पूरा खर्च उठाने को तैयार हुई सरकार

रायपुर . पिछले एक दशक से किडनी ही रहस्यमय बीमारी से जूझ रहे गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा गांव को राहत मिलने के आसार बढ़ गए हैं। राज्यपाल अनुसूईया उइके और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टीएस सिंहदेव मंगलवार को गांव पहुंचे। दोनों ने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की। राज्यपाल ने कहा, सरकार सुपेबेड़ा गांव के प्रति काफी गंभीर है। वह यहां के मरीजों के लिए सब कुछ करने को तैयार है।

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राज्यपाल ने कहा, इसके बाद भी यहां के लोगों को मेरी जरूरत महसूस होती है तो उन्हें व्यक्तिगत मदद को भी मैं तैयार हूं। उन्होंने कहा कि किसी परेशानी की स्थिति में यहां के लोग सीधे राजभवन आकर उनसे मिल सकते हैं। ग्रामीणों के कहने पर राज्यपाल ने हैदराबाद में इलाज करा रहे एक मरीज को रायपुर लाने का इंतजाम करने का भी निर्देश दिया। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, अब यहां के मरीजों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।

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उन्होंने कहा, अब रायपुर में इलाज के लिए किसी भी तरह का खर्च यहां के लोगों को नहीं उठाना पड़ेगा। खून से लेकर दवाओं का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। इलाज के दौरान मरीज के परिजनों के रहने-खाने की नि:शुल्क व्यवस्था का भी भरोसा दिलाया। उन्होंने मरीजों को रायपुर आकर इलाज कराने का फिर आग्रह किया। मुलाकात के दौरान महासमुंद सांसद चुन्नीलाल साहू, बिन्द्रानवागढ़ विधायक डमरुधर पुजारी, पूर्व विधायक गोवर्धन मांझी आदि भी मौजूद थे।

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महिला बोली-वह मरने को मजबूर, नौकरी का वादा
राज्यपाल को अपनी तकलीफ सुनाते हुए एक महिला वैदेही छेत्रपाल ने कहा, पेशे से शिक्षक उसके पति की मौत किडनी खराब होने की वजह से हो गई। उसके बाद दूसरों के सहारे वह अपने बच्चों का पेट पाल रही है। उसने कहा, ऐसा ही चलता रहा तो कुछ खाकर वह अपने बच्चों के साथ जान दे देगी। राज्यपाल ने वैदही और एक और महिला लक्ष्मी सोनवानी को दैनिक वेतनभोगी के तौर पर नौकरी देने का निर्देश दिया।

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भावुक ग्रामीणों ने कहा, मिट जाएगा वजूद
राज्यपाल को अपनी पीड़ा बताते हुए कई ग्रामीण रो पड़े। गांव के त्रिलोचन सोनवानी ने कहा, सरकार ने पहले उसके गांव के लिए कुछ नहीं किया। लोग गंदा पानी पीते रहे। उसने अपने घर के 17 लोगों को इस बीमारी से गवां दिया है। लगातार मौतों की त्रासदी झेली है। उसने कहा, किसी तरह मौतों को रोकिए नहीं तो सुपेबेड़ा गांव का वजूद ही नक्शे से मिट जाएगा।

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तेल नदी के पानी के लिए 14 करोड़ मंजूर
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया, गांव के पास सेन्दमुड़ा में पुल निर्माण के लिए 10 करोड़ 8 लाख 44 हजार रुपए की स्वीकृति दी गई है। साथ ही तेल नदी में फिल्टर प्लांट के लिए 14 करोड़ रुपए की मंजूरी भी मिल गई है। उन्होंने कहा, समय-समय पर एम्स की टीम भी यहां दौरा करेगी। साथ ही बिजली की उपलब्धता के लिए जेनरेटर मुहैया कराया जाएगा।

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