12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लोकसभा चुनाव से पहले लोगों को परिषद का बड़ा तोहफा, निर्माणाधीन मकानों पर घटा GST

अब 90 वर्ग मीटर क्षेत्रफल (कारपेट एरिया) वाले 45 लाख रुपए तक के मकानों को ‘किफायती मकान’ माना जाएगा

2 min read
Google source verification
GST Council

लोकसभा चुनाव से पहले लोगों को परिषद का बड़ा तोहफा, निर्माणाधीन मकानों पर घटा GST

रायपुर. आम चुनाव से ऐन पहले जीएसटी परिषद ने अपने घर का सपना देख रहे लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। रविवार को परिषद की 33 वीं बैठक में निर्माणाधीन मकान-फ्लैट (या निर्माणाधीन परियोजनाओं में मकानों) पर जीएसटी की दर 12 % से घटाकर 5 % कर दी है। किफायती आवास (अफोर्डेबल हाउसिंग) की परिभाषा भी विस्तृत की गई। अब 90 वर्ग मीटर क्षेत्रफल (कारपेट एरिया) वाले 45 लाख रुपए तक के मकानों को ‘किफायती मकान’ माना जाएगा।

फिलहाल इसके लिए 50 वर्ग मीटर कारपेट एरिया का पैमाना है। किफायती मकानों पर जीएसटी की दर को 8% से घटाकर महज 1त्न कर दिया गया। हालांकि, जीएसटी की नई दरों पर बिल्डर या डेवलपर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं कर पाएंगे। यह सभी फैसले एक अप्रैल, 2019 से लागू होंगे। फिलहाल निर्माणधीन मकानों (या रेडी टू मूव फ्लैट, जिन्हें कंप्लीशन सर्टिफिकेट न मिला हो) पर जीएसटी की दर 12% है। हालांकि बिक्री के समय कंप्लीशन सर्टिफिकेट हासिल कर चुके मकान/ फ्लैट पर जीएसटी नहीं लगता।

जीएसटी परिषद की यह बैठक 20 फरवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई थी, तब रियल एस्टेट पर फैसले नहीं हो सके थे। कई राज्यों ने आमने-सामने चर्चा करने का सुझाव दिया था। इसके बाद बैठक रविवार तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।

अफोर्डेबल हाउस@ 45 लाख रु. तक
- मेट्रो शहरों के अलावा बाकी शहरों में 90 वर्ग मीटर तक के कारपेट एरिया (क्षेत्रफल) वाले मकान जिनकी कीमत 45 लाख रुपए तक है।
- बेंगलूरु, चेन्नई, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई-एमएमआर यानी मेट्रो शहरों में 60 वर्ग मीटर तक के कारपेट एरिया वाले मकान जिनकी कीमत 45 लाख रुपए तक है।

90 वर्ग मी. तक के मकान पर होगी 2.10 लाख तक की बचत
घर की कूल कीमत= 45 लाख
जमीन की कीमत= 15 लाख
जीएसटी लगेगा (45-15) = 30 लाख पर
मौजूदा जीएसटी (8%)= 2.40 लाख
एक अप्रैल से जीएसटी (1%)= 30 हजार
टैक्स में फायदा (2.40 लाख-30 हजार)= 2.10 लाख

छत्तीसगढ़: इस कटौती से एक लाख से अधिक निर्माणाधीन फ्लैट्स की बिक्री में आएगी तेजी
इस कटौती से छत्तीसगढ़ में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स में बन रहे एक लाख से ज्यादा फ्लैट्स की बिक्री तेजी से बढ़ेगी और राज्य के मंद पड़े रियल एस्टेट को बूस्ट मिलेगा। क्रेडाई के लीगल एडवाइजर विजय नत्थानी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में ज्यादातर अफोर्डेबल हाउसिंग के फ्लैट्स की कीमत 15 से 20 लाख के दायरे में आती है, इस कटौती के बाद ये घर 1.40 लाख रुपए तक सस्ते होंगे।

फ्लैट की कीमत - पुरानी जीएसटी - नई जीएसटी बचत (रु.)
20 लाख (अफोर्डेबल) - 8% (1.60 लाख) - 1% (20 हजार) 1.40 लाख
30 लाख (निर्माणाधीन फ्लैट) - 12 %(3.60 लाख) - 5% (1.50 लाख) 2.10 लाख

केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि हम रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देना चाहते हैं। किफायती मकानों की परिभाषा को बदला गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका फायदा उठा सकें। यह फैसला निश्चित ही कंस्ट्रक्शन सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन देगा।

इसलिए महत्वपूर्ण है निर्णय
5.88 लाख निर्माणाधीन बिना बिके मकान मौजूद हैं देश के टॉप 7 शहरों में, इनमें 34त्न के दाम 40 लाख रुपए से कम

आगे क्या: यह सब भी होगा जीएसटी मुक्त
रियल एस्टेट से जुड़े अन्य मुद्दों जैसे विकास अधिकार, साझा विकास अधिकार, लीज प्रीमियम, फ्लोर स्पेस इंडेक्स की बिक्री या हस्तांतरण आदि को जीएसटी से मुक्त करने के सुझाव आए। जीएसटी काउंसिल के कहने पर फिटमेंट एंड लॉ कमेटी 10 मार्च तक दिशानिर्देश तैयार करेगी। वहीं सीमेंट को जीएसटी के 28 प्रतिशत के स्लैब से 18 प्रतिशत के स्लैब में लाने पर भी परिषद की बैठक में चर्चा हुई। जल्द ही इस पर भी सकारात्मक फैसला हो सकता है।


बड़ी खबरें

View All

रायपुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग