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कैंपेन, गर्ल्स कॉलेज की छात्राएं महिलाओं दे रहें स्वच्छता से सेहत रहने के टिप्स

हमारा समाज एक बरगद के विशाल वृक्ष की तरह है, जिसमे पुरुष मजबूत तना है तो महिलाएं हरी-भरी शाखाएं होती

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सुनील सुधाकर पाण्डेय @ रायपुर: हमारा समाज एक बरगद के विशाल वृक्ष की तरह है, जिसमे पुरुष मजबूत तना है तो महिलाएं हरी-भरी शाखाएं होती जो इस वृक्ष रूपी समाज को सुंदर और पोषित रखती हैं। लेकिन वही महिलाएं अगर कई सारी बीमारियों से सही जानकारी के अभाव में जूझती रहेंगी तो हमारा समाज कैसे फल-फूल पाएगा।

एेसे में राजधानी के पीजी गल्र्स कॉलेज दूधाधारी मठ की छात्राओं ने राष्ट्रीय सेवा योजना के साथ मिलकर 'स्वच्छता से स्वस्थता की ओर से कैंपेन शुरू किया है, जिसमें हेल्थ चेकअप, ब्लड डोनेशन, शुगर, बीपी, वेट, हीमोग्लोबिन और खास कर इनर क्लीनिनेस की जानकारी दी जाती है।कम उम्र की लड़कियों में होने वाले शारीरिक बदलावों की जानकारी देना भी इसमें शामिल है।

पहली बार मां बनने वाली लड़कियों को सही जानकारी देना कि कैसे रखें अपना ख्याल और साथ ही बढ़ती उम्र में होने वाली बीमारियों से कैसे बचें। इन सब बातों की जानकारी मिल सके इसके लिए शहर की प्रियंका बिस्सा और उनकी टीम ने एक कैंपेन की शुरुआत की हैकालीबाड़ी स्थित गवरमेंट दूधाधारी बजरंग गल्र्स पोस्ट ग्रेडुएट ऑटोनोमस कॉलेज की लडकियों ने राष्ट्रीय सेवा योजना के साथ मिल कर टीनएजर्स से लेकर कॉलेज की लड़कियों, अर्ली एज मदर्स बनने वाली और महिलाओं को होने वाली इंटर्नल परेशानियों के लिए कैंप लगा कर अवेयर कर रहीं हैं। स्कूल में कैंप लगाकर लड़कियों के शारीरिक बदलाव के समय होने वाली परेशानियों के बारे में बताया जाता है। टीन एज लड़कियों की काउंसिलिंग करना, उन्हें ये समझाना कि ये सामान्य लक्षण हैं जो हर किसी के साथ होते हैं।

पिंपल से परेशान गल्र्स को सॉलुशन बताते हैं पानी अधिक पीएं, तेल, खटाई से परहेज रखें और नींद पूरी लें जिससे पिंपल्स नहीं आएंगे।इस कैम्प में खून की कमी से जूझ रहीं महिलाओं के लिए गल्र्स डीबी कॉलेज की तकरीबन 10 से ज्यादा लड़कियों ने ब्लड डोनेट किया और राजधानी के एक ब्लड बैंक में जमा करवाया जिससे कॉलेज के फस्ट इयर से लेकर प्रोफेसरों ने भी हिस्सा लिया।

एेसे आया आइडिया

प्रियंका, पायल, लक्ष्मी, तुलसी, अदिति और खुशबू ने बताया कि वे एनएसस की स्टूडेंट हैं। इसमें हमें सोशल वर्क के लिए प्रेरित किया जाता है। हमें लगा कि कुछ काम एेसा किया जाए जिससे किशोरियों व महिलाओं को सेहत के के प्रति जागरूक किया जाए। इसके बाद हमने तय किया और शुरुआत की। एक के बाद एक गल्र्स हमसे जुड़ती गईं और अब ये संंख्या 200 से पार हो चुकी है।

लगाते हैं सेमिनार
महीने में एक दफे शहर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में जाकर सेमिनार लगाते हैं। इसमें गल्र्स को बारीकी से सेहत व सफाइ्र के लिए जागरूक करते हैं। इसका प्रभाव भी जल्द नजर आने लगा। स्कूलों से फोन आने लगे। अब लगातार सेमिनार रायपुर के अलावा पूरे राज्य में किए जाने की योजना है।

डिजिटलाइजेशन का ले रहे सहारा
ग्रुप के मेंबर ने बताया कि वे आगे इस कैंपेन को बढ़ाने के लिए डिजिटलाइजेशन का उपयोग करेंगे। चूंकि आज के दौर में सोशल मीडिया से कोई अछूता नहीं है। लिहाजा हम इसके महत्व को समझते हुए एक एेप बनाने वाले हैं, हालांकि अभी फेसबुक पर एक पेज बना हुआ है। जिसमें लगातार फॉलोवर्स बढ़ रहे हैं