रायपुर. कबीर नगर निवासी अखिलेश अग्रवाल ने बताया, टेंथ के एग्जाम होते ही मैंने अलग-अलग ऑप्शन एक्सप्लोर किए। तभी मुझे जेईई के बारे में पता चला। मेरी रात में पढऩे की आदत नहीं थी इसलिए सुबह चार बजे उठकर पढ़ाई की। सुबह उठते ही एक लिस्ट बनाता था कि मुझे क्या-क्या करना है ताकि कोई चीज मिस न हो। पर्सनल स्ट्रैटेजी यह थी कि जिन चीजों में रोज गलतियां होती उसमें फोकस ज्यादा देता। जो चीजें छूट जाती उसे रुटीन में लाता हूं। मेरा फेवरेट मैथ्स था और लकीली इसमें 100 परसेंटाइल मिले। सोशल मीडिया से दूरी बनाई लेकिन कभी-कभार यूट्यूब पर टेक देखता था। अब अगला लक्ष्य एडवांस है। उसके बाद मेरा ड्रीम आईआईटी बांबे है। पैरेंट्स: निर्मल अग्रवाल-गोल्डी अग्रवाल हैं।