22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मां- बाप चाहते थे UPSC क्रैक कर बेटी बने कलेक्टर, खुद का शौक पूरा करने बन गई एक्ट्रेस

मया-3 में मेरा रोल छोटी बहू का है जो एक नंबर की ड्रामेबाज है। जिद्दी और नटखट है। फिल्म में मुझे मंझे हुए कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला। हालांकि शूटिंग के शुरुआती दिनों में मैं नर्वस हो गई थी कि सीनियर्स के बीच मैं अच्छा अभिनय कर पाऊंगी या नहीं लेकिन बाद में सब नॉर्मल हो गया।

2 min read
Google source verification
मां- बाप चाहते थे UPSC क्रैक कर बेटी बने कलेक्टर, खुद का शौक पूरा करने बन गई एक्ट्रेस

जागृति सिन्हा

यूट्यूब और टिकटॉक ने कई कलाकार बनाए। ऐसा ही एक नाम है जागृति सिन्हा। 25 अक्टूबर को रिलीज हो रही पहली छत्तीसगढ़ी फ्रेंचाइजी फिल्म मया-3 के जरिए वे बड़े पर्दे पर डेब्यू कर रही हैं। वे इसमें छोटी बहू का किरदार निभा रही हैं। पत्रिका से बातचीत में जागृति ने बताया, मैं बचपन से ही ड्रामेबाज रही हूं। स्कूल में ही छात्रों की नकल निकाला करती थी। नच बलिए देखते हुए डांस में रुचि जागी और मैं कॉम्पीटिशन जीतने लगी। टिकटॉक आया तो वीडियो बनाने लगी।

एक्टिंग में रुचि जागी तो यूट्यूब से एक्टिंग कैसे करें, एक्सप्रेशन और रिएक्शन के बारे में जाना। तब तक समझ आ गया था कि सिर्फ यूट्यूब से अभिनय नहीं सीखा जा सकता। मैंने थिएटर ज्वाइन किया। फिर काम की तलाश करने लगी। वेबसीरीज लव के चकल्लस में मौका मिला जो यूट्यूब पर रिलीज हुई। उसी फिल्म में मेरा काम देखकर किसी ने मया-3 के मेकर्स को सजेश किया। मुझे इसमें छोटी बहू का रोल मिल गया।

जिद्दी और नटखट किरदार
मया-3 में मेरा रोल छोटी बहू का है जो एक नंबर की ड्रामेबाज है। जिद्दी और नटखट है। फिल्म में मुझे मंझे हुए कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला। हालांकि शूटिंग के शुरुआती दिनों में मैं नर्वस हो गई थी कि सीनियर्स के बीच मैं अच्छा अभिनय कर पाऊंगी या नहीं लेकिन बाद में सब नॉर्मल हो गया। खाली समय में मैं शूटिंग स्पॉट में जाकर दूसरों की एक्टिंग देखा करती थी। उनसे काफी कुछ सीखती। मैंने बीएससी की है। पैरेंट्स चाहते थे कि मैं पीएससी क्रैक करूं क्योंकि मैं पढ़ाई में शुरू से अच्छी रही हूं। लेकिन मेरे दिल-ओ-दिमाग में एक्टिंग का भूत सवार हो चुुका था लिहाजा मैंने पढ़ाई को किनारा कर दिया।

कई सिगरेट तोड़े
फिल्म में स्मोकिंग का सीन था। मुझे सिगरेट निकालकर होठों और दांतों के जरिए दबाना था लेकिन मुझसे नहीं हो पा रहा था। मैं जब भी कोई सिगरेट लेती वह दांत में दबाते वक्त टूट जाता था। असिस्टेंट डायरेक्टर्स ने मुझे सिगरेट पकडऩा सिखाया। इसके अलावा एक झरने का सीन है जिसके लिए हम पांच घंटे पानी में ही थी। भीगने की वजह से मुझे फीवर भी आ गया था।