वैदिक काल को जानने बच्चे क्लास रूम में बोलेंगे संस्कृत वाणी

वैदिक काल को जानने बच्चे क्लास रूम में बोलेंगे संस्कृत वाणी

Lalit Singh | Publish: Aug, 21 2017 04:46:00 PM (IST) Raipur, chhattisgarh

अब कक्षा ६वीं से ८वीं के क्लास रूम में बच्चे संस्कृत भाषा में बोलेंगे। इस भाषा को सरल तरीके से सिखाने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

रायपुर. अब कक्षा ६वीं से ८वीं के क्लास रूम में बच्चे संस्कृत भाषा में बोलेंगे। इस भाषा को सरल तरीके से सिखाने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए डाइट में रायपुर, गरियाबंद, बलौदा बाजार के 15  ब्लॉक के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसे व्यवहारिक विषय बनाने के लिए आम बोलचाल में ढालने की प्रक्रिया चल रही है। ताकि, बच्चे इस विषय को अगली कक्षाओं में भी अपनाएं और इसमें छिपे भारतीय संस्कृति के वैदिक काल के इतिहास के बारे में अपनी समझ विकसित कर सकें।

पालकों को भी करेंगे जागरूक

शिक्षक छात्रों में इसे बोलने के लिए पालकों में भी जागरुकता पैदा करेंगे। इससे बच्चों को अपने घर में संस्कृत भाषा में बोलने का माहौल मिलेगा। एेसे में छात्र क्लास में बेहिचक संस्कृत की भाषा में बोलने से डरेंगे नहीं। इसके लिए पालकों को संस्कृत के हिन्दी में अनुवाद का एक चार्ट भी सौंपेंगे।

बच्चों को कलाकृति से पढ़ाएंगे
इस पद्धति से छात्रों को क्लास रुम में कलाकृति के माध्यम से समझाएंगे। इसमें एेसे उदाहरण होंगे, जिससे संस्कृत के वाक्य भी छोटे होंगे। जो विषय के पाठ्यक्रम से अलग रहेगा। इसकी समझ आने के बाद विषय को पढ़ाएंगे। इससे छात्र विषय की भाषा का अनुवाद सरलता से कर सकेंगे।

छोटे-छोटे वाक्यों से सिखाएंगे अनुवाद
छोटे-छोटे वाक्यों से छात्रों में धीरे-धीरे अनुवाद करने की क्षमता भी विकसित करेंगे। इसके लिए कई तरह के उदाहरण के चार्ट छात्रों को दिया जाएगा। इससे वे कहीं भटकने पर अपनी गलती सुधार सकें। क्योंकि इसमें अन्य विषयों की अपेक्षा परीक्षा में अच्छे नम्बर मिलते हैं।। इसकी समझ आने के बाद विषय को पढ़ाएंगे। इससे छात्र विषय की भाषा का अनुवाद सरलता से कर सकेंगे।

डाइट में कई चरणों में संस्कृत की भाषा को सरल तरीके पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इसका मूल उद्ेश्य है छात्रों में इस विषय के प्रति रुचि बढ़े।
सरोज पांडेय, समन्वयक, संस्कृत भाषा, डाइट

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