राज्य सरकार झीरम घाटी हमले में दिवंगत पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेन्द्र कर्मा के बेटे आशीष कर्मा को डिप्टी कलक्टर के पद पर नियुक्ति देगी
जगदलपुर. ‘मेरे पिता की शहादत को कैबिनेट ने सच्चा सम्मान दिया है। पिछली सरकार के वादे को नई सरकार ने पांच साल बाद पूरा किया है। मैं पूरी कैबिनेट और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार मानता हूं।’ उक्त बातें झीरम घाटी में माओवादी हमले में मारे गए महेंद्र कर्मा के बेटे आशीष कर्मा ने सरकार द्वारा उन्हें डिप्टी कलक्टर बनाए जाने के बाद ‘पत्रिका’ से बातचीत में कही।
उन्होंने बताया, वर्ष-2013 में उनके परिवार को तत्कालीन भाजपा सरकार की तरफ से एक चि_ी मिली थी, जिसमें लिखा था कि आपके परिवार से किसी एक सदस्य को माओवादी हमले में पीडि़त परिवार मानकर सरकारी नौकरी दी जाएगी। 5 साल से सरकारी नौकरी का इंतजार था। अब जब कांग्रेस की नई सरकार बनी तो मुझे डिप्टी कलक्टर बना दिया गया है। उनके पिता को पार्टी ने आज सच्ची श्रद्धांजलि दी है।
शुरुआती पढ़ाई भिलाई में, डीयू से ग्रेजुएशन : आशीष कर्मा ने बताया, उन्होंंने शुरुआती पढ़ाई भिलाई के डीपीएस से पूरी की। वह यहां 10वीं तक पढ़े। इसके बाद वे 12वीं तक की पढ़ाई के लिए डीपीएस दिल्ली चले गए। दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध वेकेंटेश्वरा कॉलेज से हिस्ट्री ऑनर्स में 2011 में ग्रेजुएशन पूरा कर वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुट गए। 2013 में झीरमकांड के बाद वे वापस दंतेवाड़ा आ गए। इसके बाद उन्होंने यहीं से ही अपनी तैयारी जारी रखी।
प्रशासनिक सेवा में ही जाना चाहता था
आशीष कर्मा ने बताया कि वह शुरू से ही प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते थे इसलिए ग्रेजुएशन पूरा करते ही तैयारी में जुट गए। 2013 में पिता की मृत्यु के बाद करीब 2 साल उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई लेकिन उन्होंने 2014 में फिर से तैयारी शुरू कर दी। डिप्टी कलक्टर बनने के बाद उनका सपना पूरा हो गया है। आशीष ने बताया कि उन्होंने सरकार से कही नहीं कहा था कि उन्हें यह पद दिया जाए। पिता के सपने को आगे ले जाने तथा आदिवासी क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाने के लिए आशीष आदिवासी क्षेत्र में ही अपनी पोस्टिंग चाहते हैं।