
LBC से होगी स्क्रीनिंग, किसी भी उम्र की महिलाओं के यूटरस और सर्वाइकल कैंसर का लगाया जा सकेगा पता
एम्स रायपुर में लिक्विड बेस्ड साइटोलॉजी (एलबीसी) सुविधा शुरू हो गई है। इस सुविधा के बाद अब महिलाओं में होने वाले गर्भाशय और सर्वाइकल कैंसर की जांच तेज होने के साथ ही स्क्रीनिंग भी और अधिक सटीक हो जाएगी। नई सुविधा से अब किसी भी आयुवर्ग की महिला में गर्भाशय कैंसर की जांच संभव हो सकेगी।
डायरेक्टर डॉ. नितिन एम. नागरकर ने बताया, स्त्री रोग विभाग में गर्भाशय और सर्वाइकल कैंसर की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस नई सुविधा की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। अब इससे छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों की यूटरस और सर्वाइकल कैंसर की जांच प्रारंभिक अवस्था में ही संभव हो सकेगी, जिससे मरीजों का जल्द इलाज शुरू किया जा सकेगा। विभागाध्यक्ष डॉ. अमित चौहान ने बताया, एलबीसी आधुनिक और विश्वसनीय जांच प्रणाली है, जो गर्भाशय और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग में काफी मददगार साबित होती है।
कैंसर को डिटेक्ट करने में होगी आसानी
डॉ. नागरकर ने बताया, हजारों लोगों में कैंसर का पता लगाने एलबीसी से स्क्रीनिंग करने में आसानी होगी। जिन लोगों में कैंसर का पता चलेगा, उसके बाद उसके आगे की जांच की जाएगी। इस सुविधा से आगामी दिनों में कैंसर को डिटेक्ट जल्दी किया जा सकेगा।
सर्जिकल पैथोलॉजी संग्रहालय भी लगा
पैथोलॉजी और लैब मेडिसिन विभाग के अंतर्गत सर्जिकल पैथोलॉजी संग्रहालय (म्यूजियम) का भी उद्घाटन किया गया। इस म्यूजियम में विभिन्न प्रकार के कैंसर, पथरी आदि के नमूने रखे गए हैं। इससे मेडिकल छात्रों को इन्हें और अधिक जानने और समझने के साथ अध्ययन करने में आसानी होगी।
सटीकता के साथ होगी कैंसर की जांच
उद्घाटन कार्यक्रम के बाद एलबीसी पर राज्य स्तरीय सीएमई भी आयोजित की गई। इसमें एलबीसी के महत्व पर प्रकाश डाला गया। एम्स नागपुर की पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. रसिका गड़करी ने बताया, एलबीसी के प्रयोग से अन्य स्क्रीनिंग के मुकाबले अधिक मैग्नीफाइड व्यू प्राप्त होता है। इससे कैंसर की जांच सटीकता के साथ संभव हो पाती है। कार्यक्रम में प्रो. सरिता अग्रवाल, डॉ. दिबाकर साहू, डॉ. सिद्धार्थ नंदा, डॉ. राहुल साटकर, डॉ. यशिता गुप्ता, डॉ. राकेश गुप्ता और डॉ. वंदिता सिंह भी उपस्थित थी।
Published on:
12 Nov 2022 08:18 pm

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