8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

महादेव ऐप का इंडिया हेड यूपी से गिरफ्तार, वॉट्सऐप-टेलीग्राम में 32 फर्जी कंपनियां, पूछताछ में कई चौंकाने वाले बयान

Mahadev App Scam: अभय का सौरभ चंद्राकर से भी कनेक्शन मिला है। उल्लेखनीय है कि महादेव सट्टा ऐप के अवैध कारोबार से रायपुर, दुर्ग-भिलाई के कई कारोबारी और सफेदपोश लोग जुड़े हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Shrishti Singh

•

Updated: 27 Apr 2024, 1:28 PM IST

Mahadev app scam

Raipur News: महादेव सट्टा ऐप का इंडिया हेड लखनऊ में पकड़ा गया। इसके बाद से छत्तीसगढ़ के सटोरियों में हड़कंप मचा हुआ है। यूपी एसटीएफ ने देवरिया निवासी अभय सिंह और संजीव सिंह को गिरफ्तार किया है। अभय को महादेव सट्टा ऐप का भारत में प्रमुख बताया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के बड़े खाईवालों से संपर्क होने का पता चला है। अभय ही महादेव ऐप का सोशल मीडिया, बैंक अकाउंट आदि का काम देखता था। इसके लिए बड़ी संख्या में मोबाइल सिम की जरूरत पड़ती थी। इस कारण दूसरों के नाम से 4 हजार सिम लिया गया है। इसे पोर्ट कराकर दुबई भेजा गया है। अभय का भिलाई के शुभम सोनी उर्फ पिंटू से जुड़ा था। सिम का यूपीसी कोड भिलाई का ही एक युवक भेजता था। शुभम भी इस समय दुबई में है। अभय का सौरभ चंद्राकर से भी कनेक्शन मिला है। उल्लेखनीय है कि महादेव सट्टा ऐप के अवैध कारोबार से रायपुर, दुर्ग-भिलाई के कई कारोबारी और सफेदपोश लोग जुड़े हैं।

यह भी पढ़ें: भिलाई में दामाद ने ससुर पर की एयरगन से फायरिंग, इस हाल में पहुंचा अस्पताल…मची खलबली

12 हजार कर्मचारी भी भेजा

अभय और संजीव ने महादेव सट्टा ऐप के लिए 4 हजार मोबाइल सिम को अलग-अलग कंपनियों के नाम पर पोर्ट कराया। साथ ही भारत से 12 हजार कर्मचारियों को भी दुबई भेजा गया है, जो सट्टा ऐप का अलग-अलग काम संभाल रहे हैं। अभय के बुआ का लड़का अभिषेक सिंह भी दुबई में है। उसी के कहने पर अभय ने कई लोगों से सिम लिए। इसके एवज में उन लोगों को पैसे भी देने का खुलासा हुआ है।

यह भी पढ़ें: चुनाव आयोग की समस्या, यहां जनता खौफ में, कहती है – वोट कैसे डालें, हाथी मार डालेगा तो?

सोशल मीडिया पर फर्जी कंपनी

वॉट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप में 32 फर्जी कंपनियों के नाम से सिम का इस्तेमाल किया गया है। आरोपियों के पास से 264 सिम कार्ड बरामद किए हैं। सोशल मीडिया के जरिए ही आईडी बेची जा रही है। फिलहाल यूपी एसटीएफ आरोपियों से पूछताछ कर रही है।