21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Mahashivratri 2021 : क्या आप जानते है हर महीने होती है शिवरात्रि

Mahashivratri 2021 : आज महाशिवरात्रि के दिन ही शिव जी 64 शिवलिंग के रूप में संसार में प्रकट हुए थे। जिनमें से लोग उनके 12 शिवलिंग को ही ढूंढ पाए। जिन्हें हम 12 ज्योतिर्लिंग के नाम से जानते हैं।

2 min read
Google source verification
shiv.jpg

maha shivratri 2021: 11 मार्च यानी आज फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का त्यौहार मनाया जाता है। इस त्यौहार का महत्व बेहद विशेष होता है। महादेव के उपासक आज के दिन और रात को बेहद खास तौर पर मनाते है। लेकिन क्या आपको पता है, हर महीने होती है महाशिवरात्रि। जी हां यह एक ऐसा अवसर है जो हिंदू कैलेंडर में हर एक महीने आता है। हर महीने आने वाली शिवरात्रि को मासिक शिवरात्रि कहा जाता है। वहीं, फाल्गुन माह में आने वाली इस तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। जैसा कि नाम से ही ज्ञान है यह दिन भगवान शिव की महान रात कही जाती है। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि (Maha Shivratri 2021 live updates) पर पूजा अनुष्ठान, आरती, मंत्र और पूजा सामाग्री की जानकारी।

क्यों मनाई जाती है महाशिवरात्रि?
महाशिवरात्रि पर्व मनाने को लेकर कई कथाएं प्रचलित हैं। जिसमें सबसे प्रसिद्ध कथा के अनुसार ये पर्व शिव और माता पार्वती के मिलन की रात के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन पार्वती जी का विवाह भगवान शिव से हुआ था। एक मान्यता ये भी है कि इसी दिन शिव जी 64 शिवलिंग के रूप में संसार में प्रकट हुए थे। जिनमें से लोग उनके 12 शिवलिंग को ही ढूंढ पाए। जिन्हें हम 12 ज्योतिर्लिंग के नाम से जानते हैं।

महाशिवरात्रि पर बन रहा शिव योग का दुर्लभ संयोग
महाशिवरात्रि का पर्व गुरुवारद्ध को है। इस साल महाशिवरात्रि पर कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। महाशिवरात्रि पर श्रवण-धनिष्ठा नक्षत्र के साथ शिव योग और सिद्धि योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार महाशिवरात्रि पर इन शुभ संयोगों का मिलन करीब 100 साल बाद हो रहा है। ऐसे में महाशिवरात्रि के पर्व का महत्व और बढ़ रहा है।

इस साल महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2021) का पर्व त्रयोदशी के बीच शुरू होकर चतुर्दशी में आ रहा है। यह योग 23 घंटे तक जारी रहेगा। नक्षत्र धनिष्ठा 11 मार्च को रात 9 बजकर 45 मिनट तक रहेगा उसके बाद शतभिषा नक्षत्र लग जाएगा। महाशिवरात्रि के दिन शिव योग 9 बजकर 24 मिनट तकए उसके बाद सिद्ध योग लग जाएगा।