छत्तीसगढ़ / मास्टर शेफ पंकज भदौरिया ने छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को दिया इंटरनेशनल टेस्ट

छत्तीसगढ़ / मास्टर शेफ पंकज भदौरिया ने छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को दिया इंटरनेशनल टेस्ट
छत्तीसगढ़ / मास्टर शेफ पंकज भदौरिया ने छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को दिया इंटरनेशनल टेस्ट

Anupam Rajiv Rajvaidya | Updated: 22 Sep 2019, 01:08:52 AM (IST) Raipur, Raipur, Chhattisgarh, India

  • देश की नंबर-1 मास्टर शेफ पंकज भदौरिया ने छत्तीसगढ़ के कृषि उत्पादों से बने व्यंजनों का किया प्रदर्शन
  • रायपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन स्थल लजीज व्यंजनों की खुशबू से महका
  • मास्टर शेफ पंकज भदौरिया के व्यंजनों का स्वाद देश-विदेश के प्रतिनिधियों ने चखा

रायपुर. भारत की नंबर-1 मास्टरशेफ पंकज भदौरिया ने छत्तीसगढ़ के कृषि उत्पादों से बने व्यंजनों का प्रदर्शन किया। रायपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन स्थल शनिवार को मास्टर शेफ (master chef) पंकज भदौरिया के बनाए व्यंजनों से महक उठा।

स्वाद का खजाना
छत्तीसगढ़ के कृषि उत्पाद (product) में स्वाद का खजाना है। इन उत्पादों से बने व्यंजन के स्वाद को किसी सरहद में बांधा नहीं जा सकता। छत्तीसगढ़ सरकार (chhattisgarh govt) का प्रयास है कि राज्य के कृषि उत्पादों का स्वाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान कायम करे और राज्य के किसानों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य मिले।
छत्तीसगढ़ी फूड का टेस्ट आया पसंद
मास्टरशेफ पंकज भदौरिया (masterchef Pankaj Bhadauria) द्वारा बनाए गए लजीज व्यंजनों का टेस्ट सम्मेलन में विदेशों से आए मेहमानों ने चखा और इसकी तारीफ की। उन्होंने छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को अंतरराष्ट्रीय स्वाद का स्वरूप प्रदान करने के लिए साउथ एशिया में उपयोग किए जाने वाले मसालों का उपयोग किया। पंकज भदौरिया (Pankaj Bhadauria) द्वारा छत्तीसगढ़ के स्थानीय उत्पाद, ब्लैक राइस, मशरूम, बैगन, मुनगा, लाल भाजी, पालक भाजी, शहद के उपयोग से बनाए गए लजीज व्यंजनों से पूरा हॉल महक उठा। उन्होंने छत्तीसगढ़ के उत्पादों के स्वाद को इंटरनेशनल नया स्वरूप प्रदान कर उपस्थित पाक कलाप्रेमियों का दिल जीत लिया।
पौष्टिक के साथ ही स्वादिष्ट
इंडिया की नंबर-1 मास्टरशेफ (masterchef india) पंकज भदौरिया ने प्रदर्शन के दौरान बताया कि छत्तीसगढ़ में बहुतायत से पैदा होने वाला मुनगा और उसकी पत्तियां पौष्टिक होने के साथ ही मानव शरीर के स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद भी है। यहां मिलने वाला सावा चावल आसानी से पच जाता है। इसमें कैल्शियम होने के साथ यह नान एलर्जिक भी है। छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक विभिन्न प्रकार की भाजियों का उत्पादन होता है। यहां की भाजी पौष्टिक होने के साथ स्वादिष्ट भी है, जिसका उपयोग मास्टर शेफ ने अपने व्यंजन प्रदर्शन में किया।

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