
मंत्री की अश्लील सीडी कांड: रिंकू के मोबाइल के पैटर्न लॉक से लॉक हुए ये कई राज
रायपुर. पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत के कथित अश्लील सीडी मामले में सीबीआइ की पूछताछ के बाद रिंकू खनूजा की संदिग्ध मौत फांसी लगाने की वजह से ही हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। सोमवार को सुबह 8.51 बजे फैमिली वाट्सएप गु्रप में उन्होंने मैसेज किया था।
इसके बाद से उनके शव मिलने तक उनके मोबाइल का लोकेशन सिविल लाइन ही बता रहा था। उनके वाट्सएप मैसेज भेजने से लेकर पुलिस को शव मिलने तक उनका मोबाइल घटना स्थल पर ही मिला है। इस कारण आशंका है कि वह 26 घंटे तक अपने ऑफिस में ही था।
उल्लेखनीय है कि रिंकू खनूजा से अश्लील सीडी कांड के संबंध में पिछले कुछ दिनों से सीबीआइ पूछताछ कर रही थी। कुछ लोगों के बयान में रिंकू का नाम सामने आया था। इसके बाद से सीबीआइ ने पूछताछ शुरू की थी। रिंकू के साथ ही उसके कुछ रिश्तेदारों के नाम भी हैं, जिनसे सीबीआइ पूछताछ करने वाली थी। सोमवार को वह घर से निकला था। इसके बाद से वह लापता था। परिवार वाले उसे ढूंढ रहे थे। मंगलवार को रिंकू का शव उनके गोवर्धन चौक स्थित अर्जुन ऑटो मोबाइल के ऑफिस में मिला था। शव फंदे पर लटक रहा था। परिजनों ने सीबीआइ पर प्रताडि़त करने का आरोप लगाया था।
लॉक हुए कई राज
घटना स्थल से पुलिस ने रिंकू का मोबाइल जब्त किया है। मोबाइल के कॉल डिटेल व मैसेज से कई राज का खुलासा होगा, लेकिन उसमें पैटर्न लॉक के चलते मामला उलझ गया है। रिंकू के मोबाइल में पैटर्न लॉक है, जिसकी जानकारी केवल उसी को है। पुलिस इस पैटर्न लॉक को खोल नहीं पाई है। इस वजह से मोबाइल की जानकारी सामने नहीं आ पाई है। पुलिस उनकी पत्नी या बच्चों से मोबाइल के पैटर्न लॉक के बारे में पूछताछ करने की कोशिश कर रही है। मंगलवार को गमगीन माहौल होने के कारण किसी से पूछताछ नहीं हो सकी है।
पीएम रिपोर्ट में फांसी की पुष्टि
मंगलवार को रिंकू की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को मिली। इसमें डॉक्टरों ने मौत की वजह फांसी बताई है। इसकी साथ ही डॉक्टरों ने बिसरा प्रिजर्व कर लिया है। पीएम रिपोर्ट के मुताबिक शरीर में किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं।
देख नहीं पाए ताला, बाइक ले गए
सूत्रों के मुताबिक रिंकू सोमवार को घर से निकलने के बाद सीधे अपने ऑफिस पहुंचा। और इसके बाद घरवालों को वाट्सऐप मैसेज किया। मैसेज मिलने के बाद उसके परिजन उसे ढूंढने निकले। ढूंढते हुए परिजन ऑफिस भी पहुंचे। इस दौरान उसकी बाइक बाहर खड़ी थी। परिजन बाइक लेकर चले गए, लेकिन शटर में ताला नहीं लगा है,केवल शटर डाउन है,यह नहीं देख पाए। उनके मोबाइल का लोकेशन लगातार सिविल लाइन बता रहा था। इसके बावजूद उन्हें ढूंढ नहीं पाए और न ही पुलिस पर उन्हें ढूंढने के लिए दबाव बनाया।
सीसीटीवी बंद मिले
घटनास्थल अर्जुन ऑटोमोबइल के बगल में बीजीडी ऑटोमोबाइल की दुकान है। इसमें सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन उसका कवरेज एरिया कम है। इसी तरह इसके पड़ोस में मारुति बेकरी है। उसके सीसीटीवी कैमरे भी खराब हैं, उसे सुधारने के लिए भेजा गया है। इस वजह से रिंकू का कोई फुटेज आसपास के कैमरों में नहीं मिला है।
पूछताछ शुरू
पुलिस ने रिंकू की मौत के मामले में जांच शुरू कर दी है। बुधवार को घटनास्थल से लगे दुकान संचालकों से पूछताछ की गई है। दुकान मालिक सुशील सचदेव का बयान लिया गया है। इसके अलावा आसपास के अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई है।
गंदी राजनीति का शिकार हुआ भाई
रिंकू के खुदकुशी को लेकर खनूजा परिवार सदमे में है। उनके भाई बॉबी खनूजा ने बताया कि उनका भाई रिंकू एक गंदी राजनीति का शिकार हो गया। उनका किसी भी पार्टी से कोई लेना-देना नहीं था। सीबीआइ द्वारा बार-बार पूछताछ के नाम पर प्रताडि़त करने से ही रिंकू ने यह कदम उठाया है।
किसी से विवाद नहीं
रिंकू के दुकान मालिक सुशील सचदेव ने बताया कि सोमवार को दोपहर रिंकू की पत्नी पिंकी व अन्य लोग दुकान पहुंचे थे। और रिंकू केबारे में पूछा था, लेकिन कुछ जानकारी नहीं दी। उनके जाने के बाद मैने रिंकू को फोन किया, लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं किया है। केवल रिंग जाती रही। करीब दो माह से उसने ऑटोमोबाइल का काम शुरू किया है। इससे पहले केएफसी के नाम से रेस्टोरेंट चलाते थे। उनका किसी से विवाद नहीं था। शाम को ७-८ बजे दुकान बंद कर देते थे।
कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा
घटना के बाद कांग्रेस का 8 सदस्यीय प्रतिनिधि दल रिंकू के परिवार वालों से मिला। उन्हें सांत्वना दी और घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। कांग्रेसियों ने मामले की उचित जांच की मांग की है। महापौर प्रमोद दुबे, पूर्व महापौर किरणमयी नायक, विधायक गुरमुख सिंह होरा आदि पहुंचे थे।
रिंकू की मौत फांसी से हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने फांसी लगाने से मौत होने की जानकारी दी है। पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है। परिजनों के बयान नहीं हुए हैं।
यदुमणी सिदार, टीआई, सिविल लाइन, रायपुर
Updated on:
07 Jun 2018 12:00 pm
Published on:
06 Jun 2018 10:58 pm
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