27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बायपास तैयार, अब हैवी वाहनों का बलौदाबाजार नगर में प्रवेश पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने की जरूरत

बलौदाबाजार नगर के इकलौते बायपास सडक़ के अधूरे पैच का निर्माण होने के बावजूद रात्रि के समय नो एंट्री खुलने के साथ हैवी वाहनों के गुजरने से हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है। मुख्य मार्ग से गुजरने वाले हैवी वाहनों के नगर में प्रवेश को रोकने तथा इनकी तेज गति पर यातायात पुलिस लगाम नहीं लगा पा रही है।

3 min read
Google source verification
बायपास तैयार, अब हैवी वाहनों का बलौदाबाजार नगर में प्रवेश पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने की जरूरत

बायपास तैयार, अब हैवी वाहनों का बलौदाबाजार नगर में प्रवेश पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने की जरूरत

बलौदाबाजार। नगर के इकलौते बायपास सडक़ के अधूरे पैच का निर्माण होने के बावजूद रात्रि के समय नो एंट्री खुलने के साथ हैवी वाहनों के गुजरने से हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है। मुख्य मार्ग से गुजरने वाले हैवी वाहनों के नगर में प्रवेश को रोकने तथा इनकी तेज गति पर यातायात पुलिस लगाम नहीं लगा पा रही है। जिला मुख्यालय के इकलौते मुख्य मार्ग तथा बायपास के पूर्ण निर्माण के बाद जिला प्रशासन को हैवी वाहनों का नगर में प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक है।
विदित हो कि नगर के लिए बायपास मार्ग का निर्माण पूर्ण हुए चार-पांच साल हो चुका है। जिला मुख्यालय बलौदा बाजार शहर के लिए बनाए गए बायपास अंतर्गत लगभग 1.88 किलोमीटर बायपास सडक़ का पैच का निर्माण एक निजी सीमेंट संयंत्र के माइंस एरिया में आने के कारण कुछ वर्षों तक लंबित रहा है, जिसका निर्माण कुछ माह पूर्व पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में बायपास मार्ग पूरी तरह से तैयार है तथा दिन के समय जिला मुख्यालय में नो एंट्री के समय सभी हैवी वाहन बायपास से ही गुजरते हैं। इस मार्ग से भाटापारा मार्ग, रायपुर मार्ग तथा कसडोल मार्ग की ओर से आने वाले वाहन बगैर बलौदा बाजार नगर के अंदर प्रवेश किए आना-जाना कर सकते हैं। बायपास के पूर्ण निर्माण होने के बावजूद आज तक रात्रि के समय हैवी वाहनों को नगर प्रवेश किए जाने से रोका नहीं गया है। रात्रि 10 बजे नो एंट्री खुलने के बाद रेत भरे हैवी वाहन, बल्कर, कैप्सूल जैसे हैवी वाहनों के इकलौते मुख्य मार्ग से तेज रफ्तार गुजरने की वजह से पैदल गुजरना भी संभव नहीं होता है। नगर के अंदर हैवी वाहनों के गुजरने से प्रतिदिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बायपास का निर्माण पूर्ण होने के बावजूद जिला प्रशासन तथा पुलिस विभाग द्वारा हैवी वाहनों के लिए इस मार्ग का पूर्णकालिक उपयोग क्यों नहीं कराया जाता है समझ से परे है। हैवी वाहनों का यदि शहर के अंदर प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जाए तो इससे नगर की यातायात व्यवस्था भी सुचारू रूप से चलेगी। वहीं दुर्घटनाओं का भय भी नहीं रहेगा।
आवश्यक वस्तुओं के अलावा शेष वाहन प्रतिबंधित हो
नगर के व्यापारियों के दुकानों तथा गोदामों में आने वाले आवश्यक सामानों जैसे किराना, बर्तन, सीमेंट, छड़ आदि के अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की ट्रकों के अलावा शेष सभी हैवी वाहनों का नगर में प्रवेश पूरी तरह से निषेध किया जाना आवश्यक है। इससे एक ओर जहां नगर धूल-धुआंमुक्त रहेगा, वहीं नगर का यातायात भी दुरुस्त रहेगा। जिला निर्माण के दस वर्ष बाद अब नगर में हैवी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से निषेध किया जाए, इसके लिए जिला प्रशासन को ठोस नीति बनाया जाना आवश्यक है।
दो हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं प्रतिदिन
गौरतलब हो कि इसी बायपास से जिले के प्रमुख चार सीमेंट संयंत्रो के साथ ही साथ जांजगीर, रायगढ़, बिलासपुर तथा रायपुर जिलों के लिए प्रतिदिन 2 हजार से अधिक हैवी वाहन गुजरते हैं। बायपास का 1.88 किमी का अधूरा पैच पूरी योजना पर सवालिया निशान लगा रहा था, परंतु वर्तमान में पैच का निर्माण पूर्ण हो जाने के बाद अब हैवी वाहन चालकों के लिए भी आसानी हो गई है तथा नगर में प्रवेश किए बगैर तथा बगैर ट्रैफिक जाम में फंसे वे सरलता से अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।
बायपास का रखरखाव भी आश्वश्यक
नगर के लिए बायपास सडक़ की घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा वर्ष 2005 में की गई थी, जिसके लगभग 11-12 वर्ष बाद बायपास का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया गया है। वर्तमान में शहर के लिए इकलौता बायपास होने की वजह से बायपास का नियमित रखरखाव बेहद आवश्यक है। बीते कुछ सालों में रखरखाव ना होने की वजह से सडक़ कई जगह खराब हो गई है। जिसकी वजह से बरसात माह में पूरे बायपास में कीचड़ भरा रहता था। लगातार शिकायतों के बाद कुछ माह पूर्व बायपास का मेंटनेंस कर दुरुस्त किया गया है।