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रायपुर में कुछ इस तरह फल फूल रहा हवाला कारोबार, 10 रुपए से शुरू होती है ब्लैकमनी की हेराफेरी, मुंबई-दिल्ली से जुड़े हैं तार

1 लाख रुपए में 5 से 10 फीसदी तक कमीशन लेकर हवाला के जरिए एक व्यापारी से दूसरे व्यापारी तक ब्लैकमनी पहुंचाने का काम रायपुर में तेजी फलफूल रहा है।

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n this way hawala business which starts with some rupees in Raipur

रायपुर. 1 लाख रुपए में 5 से 10 फीसदी तक कमीशन लेकर हवाला के जरिए एक व्यापारी से दूसरे व्यापारी तक ब्लैकमनी पहुंचाने का काम रायपुर में तेजी फलफूल रहा है। इसमें 50 से अधिक कोरियर बॉय लगे हैं, जो कमीशन के आधार पर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ब्लैकमनी पहुंचाते हैं। ये मुंबई, दिल्ली, सूरत, भोपाल, इंदौर आदि प्रमुख शहरों के व्यापारियों के लिए रायपुर में राशि उपलब्ध कराते हैं। इसी प्रकार यहां के व्यापारियों के लिए दूसरे शहरों में भी लाखों-करोड़ों रुपए का इंतजाम करते हैं। इससे करोड़ों रुपए का टैक्स चोरी हो रहा है। दूसरी ओर पुलिस ने पचपेढ़ीनाका के हवाला कारोबारी मामले की जांच शुरू कर दी है। शनिवार को लेन-देन के विवाद का मामला थाने पहुंचा था, जो असल में हवाला से जुड़ा था।

50 की लिस्ट, नहीं हुई कार्रवाई

करीब साल भर पहले गंज पुलिस ने नोटबंदी के दौरान गुजरात के हवाला कारोबार का खुलासा किया था। इस दौरान पकड़े गए कोरियर बॉय ने 50 लोगों की लिस्ट थी। इसमें शामिल सभी व्यक्ति रायपुर के अलग-अलग हिस्सों में रहकर हवाला की राशि एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते थे और एक लाख रुपए में से 5 से 10 हजार रुपए कमीशन लेते थे। नोटबंदी के दौरान कमीशन बढ़ाकर 15 हजार रुपए कर दिया था।

दफ्तर चला रहे कुरियर ब्वॉय
हवाला की राशि पहुंचाने के लिए कोरियर बॉय का काम करने वालों ने जगह-जगह अपना कार्यालय खोल रखा है। सिविल लाइन, पुरानी बस्ती, आमानाका, आजाद चौक, तेलीबांधा और राजेंद्र नगर इलाके में 50 से ज्यादा से कोरियर बॉय सक्रिय हैं, जो रोज एक लाख से लेकर करोड़ों रुपए का लेन-देन कर रहे हैं।
10 के नोट से होता है पूरा खेल
हवाला कारोबार करने वाले 10 रुपए के नोट से पूरा खेल करते हैं। नोट के नंबर के आधार पर ही पूरी डील होती है। दूसरे शहर के व्यापारी, जिस व्यापारी तक राशि पहुंचाना चाहते हैं, उसे १० रुपए के नोट का नंबर बता देते हैं। जहां राशि पहुंचाना हो, उस शहर में इस नंबर को बताने वाले को पैसा देने के लिए कहते हैं।

ये फायदे होते हैं व्यापारियों को
लाखों-करोड़ों रुपए के लेन-देन अगर वैधानिक तरीके से करते हैं, तो उसमें टैक्स पटाना पड़ता है। उसका रिकार्ड भी रखना पड़ता है। हवाला के जरिए लेन-देन करने से टैक्स से बच जाते हैं। जितना टैक्स लगता है, उससे आधी राशि में कोरियर बॉय पैसा पहुंचा देता है। वैधानिक तरीक से बड़ी राशि का लेन-देन करने पर उसका श्रोत बताना पड़ जाता है, लेकिन हवाला के जरिए इसकी जरूरत नहीं होती है। बड़ी से बड़ी राशि को एक से दूसरे शहर में आसानी और कम समय में पहुंचाया जा सकता है।
मामले की जांच शुरू
कोतवाली इलाके में पचपेढ़ीनाका के एक हवाला कारोबारी के लेन-देन का मामला थाने तक पहुंचा था। इस मामले की जांच शुरू हो गई है। टीआई के बाहर रहने की वजह से मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी। टीआई के पहुंचने के बाद मामले की जांच शुरू हो गई है। कोरियर बॉय का भी पता लगाया जा रहा है।

जानकारी ले रहे हैं

मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में लेन-देन से जुड़ा मामला सामने आ रहा है। स्टॉफ से विस्तृत जानकारी ली जा रही है। इसके बाद मामला स्पष्ट हो सकेगा।
वीरेंद्र चतुर्वेदी, टीआई, कोतवाली, रायपुर


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