
National Mathematics Day 2022: बिलासपुर. गणित का नाम आते ही अधिकतर छात्रों के पसीने छूटने लगते हैं। छात्र इससे दूर भागते हैं। इसे लेकर पत्रिका ने शहर के दो शिक्षकों से उनका अनुभव जाना, कि क्या वाकई यह विषय इतना कठिन है, जिससे छात्र इससे दूर भागते हैं। इस पर शिक्षकों का कहना है कि ऐसा नहीं है। इस विषय को एक बार धैर्य से समझना होगा, अपने आप यह सरल हो जाएगा। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को स्वयं व शिक्षकों पर भरोसा रखने की जरूरत है। शिक्षकों को भी अपडेट होकर विद्यार्थियों को राचक तरीके से पढ़ाना चाहिए। इसमें गीत-संगीत, खेल व अभिनय का भी सहारा लिया जा सकता है।
शिक्षक रामकुमार का कहना है कि शिक्षकों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी मिलना चाहिए, जिससे नए पाठॺक्रम के अनुसार वे अपडेट हो सकें और उसी स्तर पर छात्रों को रोचक तरीके से पढ़ा सकें।
क्रियात्मक एक्टिविटी के माध्यम से पढ़ाएं : रामकुमार
मल्टीपर्पस स्कूल के व्यायाता धनंजय पांडेय का कहना है कि पहले छात्र गणित विषय से डरते थे, पर अब नहीं। अब ज्यादातर छात्र गणित व विज्ञान को ही तवज्जो दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी हर घर में गणितज्ञ हैं। हम इसे खोज नहीं पा रहे हैं। इस स्कूल के छात्र विदेशों में नाम कमा रहे हैं। अपने विज्ञान मॉडलों को प्रदर्शित कर छात्र राष्ट्रपति पुतिन से भी समानित हो चुके हैं। राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री के सामने में प्रजेंटेशन दे चुके हैं।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला शंकर नगर के गणित के व्यायाता आरवीवी एसएमएस राम कुमार का कहना है कि गणित मजबूत विषय है। इसके लिए हमे लगन, परिश्रम, त्याग और अयास की जरूरत होती है। इसके लिए प्रायमरी स्तर से ध्यान रखना पड़ेगा। शिक्षकों को इसे रोचक तरीके से पढ़ाना चाहिए, ताकि जो पढ़ाया जाए, उसके मन-मस्तिस्क में बैठ जाए। इसके लिए क्रियात्मक एक्टिविटी जरूरी है। इसके लिए गीत-संगीत या खेल का भी सहारा लिया जा सकता है। चित्रों के माध्सम से भी समझाया जा सकता है।
Published on:
22 Dec 2022 01:11 pm
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