
Navratri 2021: इस बार आठ दिनों का होगा नवरात्रि पर्व, तृतीया-चतुर्थी एक ही दिन
रायपुर. कोरोना काल में दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान शेरावाली भक्तों को अपने घर में ही पूजा-आराधना करनी होगी। क्योंकि, शहर में कहीं भी बड़ी झांकियों में मां दुर्गा अनेक रूपों में नहीं विराजेंगी और न ही कहीं रास गरबा, डांडिया और जगराता, भोग -भंडारे का आयोजन होगा। दुर्गा उत्सव पर समितियां केवल पूजा परंपरा की रस्में ही पूरी करेंगी। इसी तरह का निर्णय 78 साल पुरानी बंगाली कालीबाड़ी दुर्गा पूजा समिति ने लिया है। लेकिन, कलेक्टर की गाइडलाइन जारी हो जाने पर अब मूर्तिकार तय श्तों के अनुरूप 6 फीट की मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटेंगे। वहीं, मंदिरों में मनोकामना ज्योति जलाने के संबंध में प्रशासन की गाइडलाइन का इंतजार है।
दुर्गा पूजा उत्सव का सभी को इंतजार रहता है। क्योंकि यह ऐसा पर्व होता है, जिसमें 3 से 4 हजार लोगों को काम मिलता था। बाजारों में भी महीने भर पहले से रौनक बढ़ जाती थी। लेकिन, कोरोना के कारण सादगी के साथ ही पूजा उत्सव का पर्व 17 अक्टूबर से प्रारंभ होगा, लेकिन अभी उत्सव का माहौल नहीं है। बल्कि कोरोना की वजह से जिला प्रशासन ने इतनी सख्त गाइडलाइन जारी की है कि किसी भी दुर्गा उत्सव समितियों के पास 3000 वर्गफीट खुली जगह नहीं है। न तो गंजपारा, रामसागरपारा,राठौर चौक, रायपुर, गोल बाजार हनुमान मंदिर के पास। जबकि इन्हीं स्थानों पर भारी झांकियां बना करती थी। लेकिन, छोटे पंडाल में पूजा की रस्में होंगी।
शहर के देवी मंदिरों को भी मनोकामना ज्योति जलाने या नहीं जलाने के संबंध में गाइडलाइन का इंतजार करना पड़ रहा है। इस वजह से मंदिर किसान पंजीयन शुरू नहीं कर पा रही हैं माना जा रहा है कि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन द्वारा भर्ती जारी की जाएंगी। दूसरी तरफ प्राचीन महामाया मंदिर के पंडित मनोज शुक्ला, दंतेश्वरी माता मंदिर, कालीमाता मंदिर ट्रस्ट के सचिव डीके दुबे ने शासन-प्रशासन से आस्था ज्योति जलाने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। ताकि तैयारियां शुरू की जा सकें।
माता रानी के भक्त सड़कों के किनारे, मोहल्ले-कॉलोनियों में उत्साह के साथ दुर्गा पूजा उत्सव मनाते थे। वहीं बंगाली कालीबाड़ी में तो कोलकाता के तर्ज पर दुर्गा पूजा उत्सव होता था, लेकिन इस पर नहीं होगा। केवल पूजा की रस्में होंगी। गाइडलाइन में समितियां मां दुर्गा की मूर्तियां लाने और विसर्जन के दौरान डीजे, बैंड बाजा का उपयोग नहीं कर पाएंगी और न ही विसर्जन झांकी निकाल पाएंगी, क्योंकि इस पर सख्त पाबंदी लगी हुई है।
Published on:
24 Sept 2020 11:59 am
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