नक्सलियों की नई रणनीति, फोर्स भी पूरे एहतियात बरतते कर रही गश्त।
दंतेवाड़ा। नक्सली सप्ताह के चलते नक्सलियों ने पहले भी कई बार फोर्स पर हमला किया है लिहाजा फोर्स ने सतर्कता बरतते हुए बैन पोस्टर लगे हुए सड़कों में पहुंचकर रास्ते में आवाजाही बहाल किया। इस दौरान एसपी तिवारी ने जवानों का हौसला बढ़ाया।
अपने शहीद सप्ताह से ठीक एक दिन पहले बुधवार को नक्सलियों ने बारसूर-नारायणपुर मार्ग को अवरूद्ध कर बैनर-पोस्टर लगा दिया था। घोटिया चौक से बोदली तक नक्सलियों ने करीब 500 मीटर दूरी तक जगह-जगह पेड़ काटकर गिरा दिया था। इतना ही नहीं नक्सलियो ने इस बार नई रणनीति अपनाते हुए इस जगह पर एके-47 लिए बंदूकधारी का पुतला भी लगा रखा था, ताकि फोर्स को भ्रमित कर सकें। इस जगह पर दंतेवाड़ा एसपी सिद्धार्थ तिवारी व सीआरपीएफ 195 वीं बटालियन कमांडेंट वीपी सिंह भी दल-बल के साथ यहां पहुंचे और जवानों का मनोबल बढ़ाया।
इधर, इसी मार्ग पर आगे नारायणपुर जिले के इलाके में भी नक्सलियो ने मार्ग अवरूद्ध किया था, जिसे धनोरा थाना और ओरछा थाना की पुलिस ने पेड़ हटाकर मार्ग को शुरू किया। बता दें कि यह सड़क बीते कुछ दशक से पूरी तरह बंद थी, जिसे अथक प्रयास के बाद फोर्स की सुरक्षा में तैयार कर खोला गया है। अबूझमाड़ से लगे अधिकांश गांव नक्सल प्रभावित इलाकों में शामिल है। नक्सली अपनी मौजूदगी को दर्शाने का काम करते रहते हैं। शहीद सप्ताह एक दिन पहले पेड़ काटकर बैनर पोस्टर लगाकर मार्ग अवरुद्ध करने जैसी कायराना करतूत को अंजाम देते रहे हैं। मंगलवार की रात से ही बारसूर पल्ली मुख्यमार्ग में घोटिया के पास तीन जगह पर बड़े पेड़-पेड़ काटकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया था, जिससे इस मार्ग में आवाजाही रुकने लगी है।
पर्चों में शहीद सप्ताह मनाने का ऐलान
बैनर व पर्चो में नक्सलियों ने चारू मजूमदार और कन्नाई चटर्जी की शहादत का सप्ताह गांव-गांव में मनाने जैसी बातें लिखी थीं। पूर्व बस्तर डिवीजन कमेटी के हवाले से जारी इन बैनर-पोस्टरों को पुलिस ने जब्त कर दिया। इस इलाके में इसी डिवीजन कमेटी का खौफ व्याप्त है।