
नेपालियों को भा रही कवर्धा की शिमला मिर्च
कवर्धा . जी हां, पड़ोसी देश नेपाल में भी लोगों को कवर्धा में उत्पादित शिमला मिर्च का स्वाद बेहद भा रहा है। बेहतर क्वॉलिटी होने के कारण इसकी डिमांड नेपाल में अधिक है। इसके साथ ही देश के 8 राज्यों में भी इसकी खूब मांग है। कबीरधाम जिले के ग्राम खड़ौदा का युवा किसान रुपेन्द्र जायसवाल पिछले तीन वर्षों से शिमला मिर्च की खेती कर रहे हैं। इस वर्ष 11 एकड़ में इसकी उपज ली है। दो दिनों में ही 20 टन हरी शिमला मिर्च काठमांडू के व्यापारी खरीद चुके हैं, जबकि इसकी डिमांड झारखंड, बिहार, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में भी बनी हुई है। अब तक खेतों से प्रति एकड़ 260-265 क्विंटल शिमला मिर्च निकल चुकी है जबकि अंतिम तोड़ान बाकी है। अंतिम तोड़ान में 350 से 400 क्विंटल प्रति एकड़ शिमला मिर्च निकलेगी, जिसमें से अधिकतर मिर्च काठमांडू भेजी जाएगी। किसान जायसवाल ने बताया कि प्रति एकड़ शिमला मिर्च का उत्पादन पर खर्च 2 से 3 लाख रुपए प्रति एकड़़ आता है जबकि मुनाफा बाजार मूल्य के आधार पर मिलता है। दाम बेहतर रहा तो दो गुना अन्यथा डेढ़ गुना मुनाफा होता ही है।
इसलिए बेहतर उत्पादन
शिमला मिर्च के साथ ही जिले में बेहतर सब्जी उत्पादन होता है। चाहे वह तरबूज हो या खरबूज, करेला, टमाटर, गोभी, केला सहित अन्य तमाम तरह की सब्जी। इसका मुख्य कारण यहां का अनुकूल वातावरण है। जिला चारों ओर से पहाडिय़ों व जंगलों से घिरा हुआ है जिसके कारण यहां पर पर्याप्त मात्रा में नमी बनी रहती है। वहीं यहां की मिट्टी में अत्यधिक जलधारण क्षमता है जिसके कारण बार-बार पानी सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती। वहीं जिले में सब्जी उत्पादन की मात्रा कम है जिसके कारण कीट व्याधि का प्रकोप भी कम है जिससे अधिक उत्पादन होता है।
Updated on:
16 Feb 2021 01:56 am
Published on:
16 Feb 2021 01:56 am
