
डॉक्टर की लापरवाही से हुई मासूम की मौत, दर्द से तड़पती प्रसूता से बोली - थकी हूं, नहीं कर सकती इलाज
रायगढ़/रायपुर. सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर की लापरवाही से कई मासूम लोगों की मौत हो जाती है।इस बार डॉक्टर की लापरवाही ने एक नवजात की जान ले ली।छत्तीसगढ़ में एक महिला को अपने नवजात बच्चे से हाथ धोना पड़ गया। महिला दर्द से तड़पती रही लेकिन महिला डॉक्टर को तो बस अपने आराम की पड़ी थी।इलाज करने का काम एक नर्स को सौंप दिया।आइए जानते है पूरे मामले के बारे में...
मिली जानकारी के अनुसार माधुरी महंत पति निलमणी महंत को 29 अगस्त को लेवरपेन होने पर मेडिकल कॉलेज में परिजनों ने भर्ती कराया।रात करीब 11 बजे महिला को तेज दर्द होने पर परिजनों ने इसकी सूचना वार्ड में मौजूद नर्स को दी।परिजनों को नर्स ने यह कहकर वापस लौटा दिया कि अभी समय नहीं हुआ है।थोड़ी देर और दर्द होने के बाद देखते हैं।परिजन यह सुनकर डॉक्टर के पास पहुंचे लेकिन उन्होंने भी अनसुना कर दिया।
रात भर महिला तड़पती रही लेकिन कोई देखने के लिए नहीं पहुंचा।30 अगस्त को महिला की नार्मल डिलीवरी से बच्चा हुआ।डॉक्टरों ने बच्चों की जांच की तो पता चला कि बच्चे ने गर्भ में गंदा पानी पी लिया है।जिससे उसे सांस लेने में दिक्कत आ रही है। बच्चे को आइसीयू में रखा गया, जहां सुबह 7.30 बजे मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि जब रात करीब 12 बजे ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर को इसकी सूचना दिया गया तो डॉक्टर ने उन्हें यह कह लौटा दिया कि मैं दो ऑपरेशन कर चुकी हूं।इस कारण मैं बहुत थक गई हूं, मैं अभी उसे जांच नहीं कर सकती।काफी रात होने के कारण परिजन माधुरी को दूसरे अस्पताल नहीं ले जा सके। डॉक्टर की लापरवाही से नवजात की जान गई है।
मेकाहारा के गायोनॉलाजी एचओडी डॉ. टीके साहू ने बताया कि महिला के परिजन शिकायत किए हैं।संडे होने के कारण कुछ नहीं हो पाया।कल मैं मामले को दिखवाता हूं।यदि वास्तव में डाक्टर की लापरवाही होगी, तो मैं इसकी शिकायत आला अधिकारियों से की जाएगी। कार्रवाई के लिए मैं अधिकृत नहीं हूं।
Published on:
03 Sept 2018 01:16 pm
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